![]() |
||
|
|
![]() गांगुली और कुंबले
वर्ष 2008 में भारतीय क्रिकेट के दो धुरंधरों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा. एक थे-सौरभ गांगुली और दूसरे थे अनिल कुंबले. सौरभ गांगुली भारतीय क्रिकेट के सफलतम कप्तान माने जाते हैं. जबकि अनिल कुंबले ने भारत को कई मैचों में अपने दम में जीत दिलवाई. सौरभ गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सिरीज़ के बाद संन्यास लिया तो अनिल कुंबले ने बीच में ही संन्यास की घोषणा कर दी. सौरभ गांगुली सौरभ गांगुली भारत के सफलतम कप्तान माने जाते हैं. भारतीय टीम को ज़्यादा से ज़्यादा पेशेवर बनाने में उनकी भूमिका ज़बरदस्त रही. नए खिलाड़ियों को मौक़ा देने में उनका जवाब नहीं था. युवराज सिंह, हरभजन सिंह और वीरेंदर सहवाग को आगे लाने में भी उनकी भूमिका मानी जाती है. मैदान पर दादा का आक्रामक रुख़ विपक्षी टीमों की नींद उड़ा देता था. लेकिन गांगुली विवादों में भी ख़ूब रहे और ग्रेग चैपल के साथ उनकी तकरार इतनी बढ़ी कि उन्हें पहले कप्तानी और फिर टीम से स्थान भी गँवाना पड़ा.
गांगुली ने अपने टेस्ट करियर की पहली पारी में शतक जमाया था और लेकिन अपने करियर की अंतिम पारी में वो खाता नहीं खोल पाए. बावजूद इसके गांगुली ने अपनी आख़िरी पारी में एक रिकार्ड बना दिया. सौरभ गांगुली टेस्ट क्रिकेट में पहली पारी में शतक और अपनी आख़िरी पारी में शून्य बनाने वाले इंग्लैंड के बिली ग्रिफ़िथ के बाद दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं. गांगुली ने अपने करियर की समाप्ति 113 टेस्ट मैचों में 7212 रन के साथ की जिनमें 16 शतक शामिल हैं. भारत के सबसे सफल कप्तान गांगुली ने 49 टेस्टों में भारत का नेतृत्व किया और 21 मैच जीते. भारतीय टीम को 2003 के क्रिकेट के विश्व कप फ़ाइनल तक पहुँचाने का श्रेय भी सौरव की गांगुली को ही जाता है. और वह सौरव गांगुली की कप्तानी के ही दिन थे जब भारतीय क्रिकेट में पैसे की बरसात होनी शुरु हुई. भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलियाई कोच ग्रेग चैपल के साथ अनबन होने से पहले सौरव ने पाँच साल तक भारतीय टीम की कप्तानी संभाली. फिर वो टीम से बाहर हो गए. तब एक ऐसा समय था जब लोग मानने लगे थे कि सौरव का क्रिकेट जीवन ख़त्म हो गया लेकिन उन्होंने समीक्षकों को ग़लत साबित किया और एक बार फिर से भारतीय टीम में जगह बनाई. लेकिन कप्तानी से हटने के बाद उनका वह रुतबा नहीं रह गया जिसके लिए वो जाने जाते थे. सौरभ गांगुली ने 113 टेस्ट और 311 वनडे मैच खेले. टेस्ट में उन्होंने 42.17 की औसत से 7212 रन बनाए. टेस्ट मैच में गांगुली ने 16 शतक और 35 अर्धशतक लगाए. वनडे में गांगुली ने 41.02 की औसत से 11,363 रन बनाए. वनडे में गांगुली ने 22 शतक और 72 अर्धशतक लगाए. उन्होंने वनडे में 100 और टेस्ट में 32 विकेट लिए. अनिल कुंबले अनिल कुंबले का जुझारुपन भी भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद रखा जाएगा. अनिल कुंबले ने भारतीय मैदान पर तो अपनी स्पिन गेंद का जलवा तो दिखाया ही विदेशों में भी उन्होंने सफलता के झंडे गाड़े. 38 वर्षीय अनिल कुंबले इस समय दुनिया के तीसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं. उन्होंने 619 विकेट लिए. भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में शायद ही किसी गेंदबाज़ ने भारत को इतने मैचों में जीत दिलवाई होगी जितने मैच अनिल कुंबले ने जितवाए हैं. अपने 18 साल के करियर में अनिल कुंबले ने अच्छे-अच्छे बल्लेबाज़ों के छक्के छुड़ाए हैं और टेस्ट मैचों में 600 विकेट लेने वाले पहले भारतीय और दुनिया के तीसरे गेंदबाज़ हैं.
अनिल कुंबले की ख़ासियत थी उनका बाक़ी स्पिनरों से एकदम अलग रहना. जहाँ शेन वॉर्न और मुरलीधरन ने गेंद को ज़बर्दस्त तरीक़े से घुमाने की क्षमता पर विकेट लिए हैं वहीं कुंबले ने ज़्यादातर अपनी गुगली, टॉप स्पिन और फ़्लिपर जैसी गेंदों से बल्लेबाज़ों को आउट किया. उनकी एक सीमा भी है कि वो गेंद को ज़्यादा घुमा नहीं सकते लेकिन ये कमी वो अपनी गेंदों में रफ़्तार लाकर पूरी करते हैं. दरअसल अनिल कुंबले ने अपना शुरुआती क्रिकेट जीवन एक तेज़ गेंदबाज़ के रूप में शुरू किया लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि स्पिन की कला में वो अपने लिए एक अलग जगह बना सकते हैं. कुंबले के नाम रिकॉर्डों का अंबार है. वर्ष 1999 में उन्होंने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच में सभी दस विकेट चटकाए थे और ऐसा करने वाले वे विश्व के दूसरे गेंदबाज़ हैं. कुंबले को अपने करियर के आख़िरी पड़ाव में टेस्ट टीम की कप्तानी मिली और उन्होंने इस ज़िम्मेदारी को भी बख़ूबी निभाया. कप्तान के रूप में कुंबले ने पहली सिरीज़ खेली पाकिस्तान के ख़िलाफ़, जिसमें भारतीय टीम ने 1-0 से जीत हासिल की. लेकिन कप्तान के रूप में उनका सबसे चर्चित दौरा रहा ऑस्ट्रेलिया का, जहाँ कई विवाद हुए. आख़िरकार इन विवादों का समाधान भी निकला. हरभजन-साइमंड्स विवाद के दौरान कुंबले की कप्तानी की ख़ूब सराहना हुई. लेकिन मैच के बाद ये कहकर कि सिर्फ़ एक टीम में ही खेल भावना थी, कुंबले ने संयम से ही अपनी बात मज़बूत तरीक़े से रखी. कुंबले ने 132 टेस्ट मैच खेले और 619 विकेट लिए. उन्होंने 2506 रन भी बनाए. वनडे में 271 मैच खेले और 331 विकेट लिए. टेस्ट क्रिकेट में तो एक शतक भी उनके नाम है. |
|||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ^^ पन्ने पर ऊपर जाने के लिए क्लिक करें | |||