खेल जगत: 2008
 
 
 
 
 
 
 
 
 
हॉकी
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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हॉकी

भारतीय हॉकी के लिए वर्ष 2008 काफ़ी उतार-चढ़ाव भरा रहा. लेकिन सबसे शर्मनाक रहा भारतीय हॉकी टीम का ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई न करना. वर्ष 1928 के बाद ये पहली बार हुआ है कि ओलंपिक में आठ बार स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक में खेलने के लिए क्वालीफ़ाई भी नहीं कर पाई है.

लेकिन इसकी गाज भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन पर भी पड़ी. हॉकी फ़ेडरेशन को भंग कर दिया गया और केपीएल गिल को हटा दिया गया.



लेकिन इस साल जूनियर हॉकी टीम ने एशिया कप का ख़िताब अपने नाम किया. हैदराबाद में हुई प्रतियोगिता के फ़ाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 3-2 से मात ती. इस साल भारत की सीनियर हॉकी टीम ने कोई कमाल नहीं दिखाया.

ओलंपिक में टीम क्वालीफ़ाई नहीं कर पाई. तो अज़लानशाह के फ़ाइनल में उसे अर्जेंटीना से हार का मुँह देखना पड़ा. अर्जेंटीना ने पहली बार ये ख़िताब जीता. पहले दो मैच भारतीय टीम हार गई थी. लेकिन इसके बाद भारत ने शानदार खेल दिखाया और लगातार चार मैचों में जीत हासिल करके फ़ाइनल में जगह बनाई. फ़ाइनल में पहुँचने के लिए भारत और पाकिस्तान में कड़ी टक्कर थी. लेकिन पहले तो भारत ने पाकिस्तान को पछाड़ा और फिर मेज़बान मलेशिया को मात देकर फ़ाइनल में जगह बनाई.

साल की शुरुआत प्रीमियर हॉकी लीग से हुई. इस बार ख़िताब अपने नाम किया बैंगलोर हाई-फ़्लायर्स ने. चंडीगढ़ डायनेमो को दूसरा और हैदराबाद सुल्तान्स को तीसरा स्थान मिला. जनवरी में ही मलेशिया में आठ देशों की जूनियर हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. भारत की जूनियर टीम फ़ाइनल तक पहुँची लेकिन फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने उसे 3-2 से पराजित कर दिया.

जनवरी के आख़िरी महीने में भारतीय हॉकी टीम ने बेल्जियम के साथ पाँच मैचों की सिरीज़ खेली. चेन्नई में हुई इस सिरीज़ में भारत 3-1 से विजयी रहा. एक मैच ड्रॉ ख़त्म हुआ. फरवरी के शुरू में 55वाँ रक्षक राष्ट्रीय महिला हॉकी चैम्पियनशिप का आयोजन हुआ. रेलवे ने झारखंड को हराकर इस प्रतियोगिता का ख़िताब अपने नाम किया.



जून में चार देशों की महिला हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन नीदरलैंड्स में हुआ. लेकिन इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम की दुर्दशा हुई. भारत की टीम सिर्फ़ एक मैच ही जीत पाई. इसके तुरंत बाद जर्मनी में भी चार देशों की प्रतियोगिता हुई. यहाँ भी भारतीय महिला हॉकी टीम ने ख़राब खेल दिखाया और एक मैच भी नहीं जीत पाई.

इसी वर्ष अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफ़आईएच) ने यह घोषणा की कि वर्ष 2010 में पुरुषों की विश्व कप हॉकी का आयोजन भारत में होगा. तो नए खेल मंत्री का पद संभालते ही एमएम गिल ने हॉकी और फ़ुटबॉल सहित आठ खेलों को प्राथमिकता सूची में शामिल करने की घोषणा की.

इसी साल भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के सचिव ज्योतिकुमारन के ख़िलाफ़ गंभीर आरोप लगे जिसके बाद उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा. एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान उन पर आरोप लगा कि उन्होंने खिलाड़ियों को टीम में जगह दिलाने के लिए पैसे मांगे थे.
 
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