खेल जगत: 2008
खेल 2008
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
खेल 2008
खेल 2008

हर साल की तरह वर्ष 2008 में भी खेल की दुनिया में ख़ूब हलचल रही. लेकिन सबसे ज़्यादा आकर्षण रहा बीजिंग के ओलंपिक खेलों का. कई रिकॉर्ड टूटे और बने. तैराकी में जहाँ माइकल फेल्प्स ने नई कहानी लिखी, तो जमैका के उसैन बोल्ट ने बिजली की गति से दौड़कर सबको अचंभित कर दिया. भारत के लिए भी बीजिंग ओलंपिक सबसे ज़्यादा पदक लेकर आया.

क्रिकेट की दुनिया में भी कई रिकॉर्ड बने. लेकिन भारतीय टीम ने इस साल सफलता का नया मानदंड स्थापित किया. साल के आख़िर में भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुँच गई. ऑस्ट्रेलिया को पहले उसी की धरती पर सीबी सिरीज़ में मात दी तो घरेलू टेस्ट सिरीज़ में भी धूल चटाई. एशिया कप में ज़रूर हारे, लेकिन वनडे सिरीज़ में इंग्लैंड को 5-0 से भी पीटा.



सचिन तेंदुलकर सबसे ज़्यादा टेस्ट रन बनाने वाले खिलाड़ी बने. तो सुरक्षा का मामला पाकिस्तान को परेशान करता रहा. पाकिस्तान इस साल एक टेस्ट भी नहीं खेल पाया. मुंबई में हुए हमलों के कारण क्रिकेट ज़रूर प्रभावित हुआ और इसी कारण भारत के पाकिस्तान दौरे पर भी गाज गिरी.

आर्थिक संकट के कारण होंडा ने फ़ॉर्मूला वन से अपने आप को अलग किया तो ब्रिटेन के लुईस हैमिल्टन फ़ॉर्मूला वन चैम्पियन बनने वाले दुनिया के सबसे युवा और पहले काले खिलाड़ी बने. साइकिलिंग की दुनिया में आर्मस्ट्रांग की वापसी की ख़बर छाई रही तो डोपिंग ने भी साथ नहीं छोड़ा. टेनिस की दुनिया में स्विट्ज़रलैंड के रोजर फ़ेडरर का अधिपत्य टूटता नज़र आया तो रफ़ाएल नडाल नए किंग बनते नज़र आए.

महिला टेनिस में तो नया रिकॉर्ड ही बना. हर ग्रैंड स्लैम का ख़िताब नई खिलाड़ी को. हॉकी में भारत का भ्रम टूटा और 1928 के बाद पहली बार भारतीय टीम ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई नहीं कर पाई. फ़ुटबॉल की दुनिया में स्पेन ने यूरो कप जीता तो मैनचेस्टर यूनाइटेड ने प्रीमियरशिप और चैम्पियंस लीग जीतकर डबल धमाका किया.

आइए विस्तार से नज़र डालते हैं वर्ष 2008 में खेल की दुनिया की गतिविधियों पर.

संकलन और प्रस्तुति: पंकज प्रियदर्शी, बीबीसी संवाददाता
 
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