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सैफ़ अल आदेल
ओसामा बिन लादेन के निकटतम सहयोगी मोहम्मद आतेफ़ की मौत के बाद से उनकी लगभग सारी ज़िम्मेदारियाँ आदेल ने संभाल ली हैं. मिस्र की सेना में बाक़ायदा कर्नल रह चुके आदेल ने नौकरी छोड़कर सोवियत सेना के ख़िलाफ़ जेहाद में जाने का फ़ैसला किया और अफ़ग़ानिस्तान जा पहुँचे. आदेल के बारे में कहा जाता है कि वे गोला बारूद के विशेषज्ञ हैं और ग्यारह सितंबर के हमले में शामिल कई चरमपंथियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं. 1998 में कीनिया और तंज़ानिया में अमरीकी दूतावासों पर हमले के लिए भी उन्हें ज़िम्मेदार माना जाता है. अमरीका का कहना है कि जिन सोमालियाई चरमपंथियों ने 18 अमरीकी सैनिकों की मोगादिशु में हत्या की थी उन्हें भी आदेल ने ही ट्रेनिंग दी थी. 1987 में मिस्र की सरकार ने आदेल पर आरोप लगाया था कि वे सेना के भीतर ही जेहादी संगठन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन पर राजद्रोह और तख़्तापलट की साज़िश रचने का आरोप भी लगा था. |
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