अल क़ायदा के बड़े नेता
 
 
एमन अल ज़वाहिरी
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

एमन अल ज़वाहिरी

 

एमन अल ज़वाहिरी

मिस्र के एक प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े एमन अल ज़वाहिरी पेशे से डॉक्टर रहे हैं और ओसामा बिन लादेन के सबसे विश्वस्त सहायक माने जाते हैं.

ओसामा बिन लादेन की ज़्यादातर तस्वीरों में उनके बग़ल में एमन अल ज़वाहिरी बैठे दिखाई देते हैं, ग्यारह सितंबर के बाद जारी किए गए सभी वीडियो टेपों में भी ज़वाहिरी ओसामा के साथ दिखते हैं.

अल क़ायदा की आक्रामकता के लिए ज़वाहिरी को भी काफ़ी हद तक ज़िम्मेदार माना जाता है क्योंकि वे काफ़ी कट्टरपंथी इस्लामी माने जाते हैं.

अल क़ायदा का हिस्सा बनने से पहले एमन अल ज़वाहिरी 'इस्लामी जिहाद' नाम के मिस्री संगठन के सर्वेसर्वा थे, बाद में उनके संगठन का अल क़ायदा में विलय हो गया.

अमरीकी ख़ुफ़िया अधिकारियों का मानना है कि ग्यारह सितंबर के हमलों के पीछे ज़वाहिरी का ही दिमाग़ था, अमरीका की 'मोस्ट वांटेड' सूची में ज़वाहिरी दूसरे नंबर पर हैं और उन पर ढाई करोड़ डॉलर का इनाम है.

दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मस्जिदों में से एक, 'अल अज़हर' के मुख्य इमाम के बेटे ज़वाहिरी को पहली बार 15 वर्ष की उम्र में प्रतिबंधित इस्लामी संगठन का सदस्य होने की वजह से गिरफ़्तार किया गया था.

ज़वाहिरी और ओसामा सोवियत सेना के ख़िलाफ़ अभियान के समय से ही एक-दूसरे के साथ रहे हैं.

ज़वाहिरी को कीनिया, तंज़ानिया के धमाकों के अलावा मिस्र में हुए कई हमलों के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है, मिस्र की एक अदालत ने उनकी ग़ैर मौजूदगी में उन्हें मौत की सज़ा सुनाई है.

बताया जाता है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी हमले में ज़वाहिरी के परिवार के सदस्यों की मौत हो गई, ज़वाहिरी कई बार अमरीकी सैनिकों के घेरे में फँस चुके हैं लेकिन हर बार वे बच निकले हैं.
 
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