| कुपोषण से ख़तरे में बचपन | |||
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कोशिश है कि न केवल बीमार शिशुओं की सेहत सुधारी जाए बल्कि गर्भवती माताओं को बेहतर पोषण दिया जाए ताकि स्वस्थ बच्चे पैदा हों. बिहार में 90 प्रतिशत किशोरियाँ अनीमिया या ख़ून की कमी से पीड़ित हैं. अब स्थानीय महिलाओं को विटामिन ए, आयोडिन युक्त नमक और आयरन की गोलियों का महत्व समझाया गया है. और यह बात वो बाक़ी लोगों को सिखाती हैं. |
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