| पखवाड़े के कलाकार : लाल रत्नाकर | |||
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शहरों के कांक्रीट के जंगल और तेज़ रफ़्तार जिंदगी के बीच डा लाल रत्नाकर की पेंटिंग्स ग्रामीण परिवेश की ओर ले जाती हैं. अपने रंगों से, चित्रों से और संयोजन से वे सुकून पैदा करने वाले संयोजन तैयार करते हैं. इस पखवाड़े रत्नाकर के चित्र लेकर आए हैं विनोद वर्मा |
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