तस्वीरों में-  आम बजट: आम आदमी की उम्मीदें
विमल
विमल
(धोबी)

मुझे नहीं पता है कि बजट क्या होता है. हर साल बजट में सुनता हूँ कि फलां-फलां सामान सस्ता हुआ हैं लेकिन बाजार में ऐसा कुछ नहीं दिखता है. मैं तो कपड़े प्रेस करके अपनी रोजी-रोटी चलाता हूँ इसलिए मैं चाहता हूँ कि यह सलामत रहे. हां, कोयला के दाम घट जाएँ तो बड़ी राहत मिलेगी.

तस्वीरें देखने के लिए क्लिक करें
पिछली  
1 2 3 4 5 6 7 8 9
  अगली