प्रेम की डगर पर दृष्टिहीनता भी आड़े न आई

 बुधवार, 29 अगस्त, 2012 को 08:29 IST तक के समाचार
नेपाल की प्रेम कहानी

ज्योत्सना और ईश्वर एक खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं

नेपाल के पारंपरिक समाज में कोई माता-पिता सोच भी नहीं सकते कि वे अपनी अच्छी भली बेटी की शादी किसी विकलांग व्यक्ति से करें. लेकिन पश्चिमी नेपाल की ज्योत्सना भटकल ने न सिर्फ एक दृष्टिहीन व्यक्ति से प्यार किया, बल्कि उनके लिए अपना घर भी छोड़ दिया.

भारत की ही तरह नेपाल में भी शादी एक पवित्र बंधन समझा जाता है. पारंपरिक रूप से वहां भी शादी के लिए माता पिता की रजामंदी अहम समझी जाती है.

लेकिन ज्योत्सना भास्कर ने 20 साल पहले ने अपने लिए अलग रास्ता चुना.

उनकी उम्र बीस साल की थी जब उन्हें ईश्वर अमात्या से प्यार हो गया था. ईश्वर पश्चिम नेपाल के पोखरा शहर में एक स्थानीय रेस्त्रां में गायक थे.

'अपनी मर्जी की जिंदगी'

ज्योत्सना को पहली नजर में उनसे प्यार हो गया था.

लेकिन उनके पिता ज्योत्सना की पसंद के बिल्कुल खिलाफ थे. जब उन्होंने सुना कि उनकी बेटी एक दृष्टिहीन गायक के प्यार में घर छोड़ कर भाग गई है तो वो ज्योत्सना को वापस घर ले जाने के लिए राजधानी काठमांडू के उत्तर में स्थित त्रिशूली कस्बे पहुंचे.

नेपाल के गायक

ईश्वर अब नेपाल के जाने माने गायकों में शुमार होते हैं

लेकिन ज्योत्सना ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया. वो बताती हैं, “मेरे पिता पोखरा में थे. वो मेरे पास आए. लेकिन मैं उनके साथ नहीं गई. मैंने उनसे कहा कि ये मेरी जिंदगी है और मैं इसे अपनी मर्जी से जीना चाहूँगी. वो बहुत नाराज थे. उन्होंने मुझसे कहा कि उनके घर की रोशनी चली गई है.”

ईश्वर और ज्योत्सना के लिए शुरुआती दिन बेहद संघर्ष भरे रहे.

लेकिन ज्योत्सना ने इस बात को सुनिश्चित किया कि ईश्वर को रोजमर्रा की जिंदगी में कोई तकलीफ न हो. वो ईश्वर को बराबर प्रोत्साहित करती थीं कि वो अपना सारा समय और ऊर्जा अपने शौक यानी गायन को समर्पित करें.

ईश्वर अब तक लगभग 300 गीत रिकॉर्ड कर चुके हैं जिनमें देशभक्ति गीत, शास्त्रीय संगीत और आधुनिक संगीत, सभी कुछ शामिल है.

ज्योत्सना अपने पति की बड़ी प्रशंसक हैं.

वो कहती हैं, “वो दिल से गाते हैं. जब वो कोई गीत गाते हैं तो मेरी आंखों में आंसू आ जाते हैं. मेरी यही तमन्ना है कि जब तक संभव हो सके, मैं उनका पूरा साथ दूं. इस दुनिया में कुछ भी अमर नहीं है. लेकिन उनका साथ निभाने को मैं अपनी जिम्मेदारी समझती हूं.”

फैसले पर गर्व

"हम दृष्टिहीन लोग देख नहीं सकते हैं, लेकिन सुन तो सकते हैं, महसूस तो कर सकते हैं. तो ये हम पर निर्भर करता है कि हम अपनी प्रतिभा को कैसे पहचानते हैं."

ईश्वर, ज्योत्सना के पति

अब ईश्वर नेपाल के जाने माने गायक हैं और उनके अल्बम खूब बिकते हैं. उनका 17 साल का बेटा काठमांडू के नामी प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है. ईश्वर जन्म से ही दृष्टिहीन हैं. वो देख वहीं सकते हैं लेकिन जिंदगी को लेकर उनका नजरिया हमेशा सकारात्मक रहा है.

वो कहते हैं, “भगवान ने हर किसी को प्रतिभा दी है. उसने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया है. हम दृष्टिहीन लोग देख नहीं सकते हैं, लेकिन सुन तो सकते हैं, महसूस तो कर सकते हैं. तो ये हम पर निर्भर करता है कि हम अपनी प्रतिभा को कैसे पहचानते हैं.”

लगभग दो दशक तक साथ रहने के बाद ज्योत्सना कहती हैं कि भले ही उन्होंने युवा उम्र में ईश्वर से शादी करने का फैसला किया, लेकिन ये बिल्कुल सही फैसला रहा.

वो कहती हैं कि एक औरत को जिंदगी जीने के लिए बस प्यार और एक ऐसा पति चाहिए जो उसे समझता हो.

जिंदगी भर एक दृष्टिहीन व्यक्ति के साथ रहना ज्योत्सना के लिए एक बहुत बड़ा फैसला था.

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