तालिबान ने अमरीका से बातचीत रोकी

 शुक्रवार, 16 मार्च, 2012 को 01:10 IST तक के समाचार
तालेबान

तालेबान का आरोप है कि अमरीका का रवैया स्थिर नहीं है

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान ने अमरीका के साथ शुरुआती शांति वार्ता स्थगित कर दी है.

तालिबान ने अमरीका पर बार-बार अपना रवैया बदलने का आरोप लगाते हुए कहा है कि आगे बातचीत में एक रोड़ा अफ़ग़ान अधिकारियों को चर्चा में शामिल करने की अमरीकी कोशिश थी.

तालिबान अफ़ग़ानिस्तान सरकार को मान्यता नहीं देता है.

इस बीच अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने नेटो सेना से अफ़ग़ान गाँवों से बाहर आ जाने के लिए कहा है. पिछले सप्ताहांत एक अमरीकी सैनिक ने 16 आम लोगों को गोली मार दी थी जिसके बाद करज़ई की ओर से ये बयान दिया गया.

अमरीकी अधिकारियों ने वैसे किसी तनाव से इनकार किया है.

उधर गुरुवार को जारी एक बयान में तालिबान ने कहा कि वे लोग मुख्य रूप से क़तर में एक राजनीतिक कार्यालय शुरू करने और क़ैदियों की अदला-बदली पर बात कर रहे थे.

अमरीका पर आरोप

उन्होंने कहा कि वे बातचीत स्थगित कर रहे हैं क्योंकि, "अमरीकी रवैया डाँवाडोल और दिशाहीन है."

अमरीकी कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि तालिबान को अमरीकी वार्ताकारों ने साफ़ तौर पर बता दिया था कि किसी भी चर्चा में अफ़ग़ान सरकार भी हिस्सा लेगी.

तालिबान के बयान में गुट का रवैया स्पष्ट करते हुए कहा गया कि वह 'अफ़ग़ान सरकार के साथ किसी भी तरह की चर्चा अर्थहीन मानता है.'

इसके अलावा अमरीका की ओर से जिन कुछ और शर्तों की ख़बर है उसमें अफ़ग़ान संविधान को स्वीकार करने पर ज़ोर था. तालिबान पहले ही वह संविधान ख़ारिज कर चुके हैं.

इसके अलावा अमरीका चाहता था कि तालिबान खुले रूप से अल-क़ायदा की आलोचना करे.

काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता क्वेंटिन समरविल के अनुसार तालिबान के साथ बातचीत शुरू करने की कोशिशों को ये एक बड़ा झटका लगा है.

बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार ऐसा लग रहा था कि एक अपहृत अमरीकी सैनिक के बदले ग्वांतानामो बे से पाँच तालिबान लड़ाकुओं की रिहाई अब कुछ ही हफ़्ते दूर है.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.