पाकिस्तान: पंजाब के विभाजन पर विवाद

 शनिवार, 7 जनवरी, 2012 को 08:46 IST तक के समाचार
पाक पंजाब

पाक पंजाब का विभाजन होने पर संपन्न उत्तरी पंजाब, विकास की दृष्टि से पिछड़े हुए कृषि प्रधान दक्षिणी पंजाब से अलग हो जाएगा.

पाकिस्तान की संसद में इन दिनों राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण और सबसे बड़ी जनसंख्या वाले पंजाब प्रांत के विभाजन पर बहस छिड़ी है.

पंजाब प्रांत के विभाजन का प्रस्ताव दक्षिणी सिंध राज्य के उर्दू भाषियों का प्रतिनिधित्व करने वाली एमक्यूएम पार्टी की ओर से आया है. एमक्यूएम का कहना है कि दक्षिणी पंजाब को नए प्रांत का दर्जा देते हुए ख़ैबर पख्तूनख्वाह को दो भागों में विभाजित कर दिया जाए.

साथ ही ख़ैबर पख्तूनख्वाह का क़बायली इलाका जो फ़िलहाल केंद्र प्रशासित है उसे एक अलग प्रांत दर्जा दे दिया जाए.

शुक्रवार देर शाम तक इस मुद्दे पर चली बहस के दौरान सांसद एक दूसरे पर चिल्लाते रहे और गहमागहमी इस हद तक बढ़ गई कि संसद की कार्रवाई को कई बार स्थगित करना पड़ा.

इस मसले पर कराए गए आखिरी मतदान में विभाजन का प्रस्ताव ख़ारिज हो गया है लेकिन सरकार अब संवैधानिक संशोधन के ज़रिए विभाजन के विकल्प तलाशने की कोशिश कर रही है.

संपन्नता बनाम सामंतवाद

एमक्यूएम का कहना है कि जिन इलाकों के विभाजन और उन्हें प्रांत का दर्जा दिए जाने की बात की जा रही है वो विकास से अछूते हैं और वहां मौजूद जनसंख्या लगातार उपेक्षा का शिकार हुई है.

पार्टी का कहना है कि इन इलाको में पनप रही गृहयुद्ध की स्थिति को पंजाब के विभाजन से ही रोका जा सकता है.

एमक्यूएम के इस प्रस्ताव को लेकर ज़्यादातर पार्टियों का विचार है कि पंजाब का विभाजन हो लेकिन ख़ैबर पख्तूनख्वाह का विभाजन न किया जाए.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ सरीखे राजनेता भी इसी प्रस्ताव के हक में हैं. उनका यहां तक कहना है कि इसके लिए वो पंजाब को दो नहीं बल्कि तीन हिस्सों मे भी बांटने के पक्ष में हैं.

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब का विभाजन होने पर विकासशील, औद्दोगिक दृष्टि से आगे और घनी जनसंख्या वाला संपन्न उत्तरी पंजाब, विकास की दृष्टि से पिछड़े हुए सामंतवादी और कृषि प्रधान दक्षिणी पंजाब से अलग हो जाएगा.

दक्षिणी पंजाब को अगर अलग प्रांत का दर्जा मिलता है तो इसका सीधा फ़ायदा एमक्यूएम को मिलेगा. जानकारों का मानना है कि इसके बाद एमक्यूएम पार्टी पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े प्रांत सिंध को भी भाषाई आधार पर विभाजित करने की मांग कर पाएगी.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.