नैटो सेना पर हमला, दो मरे 100 घायल

 रविवार, 11 सितंबर, 2011 को 17:56 IST तक के समाचार
नैटो सेना

ये हमला शनिवार की दोपहर उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के वारदक प्रांत में हुआ.

तालिबान ने नैटो सेना के अड्डे पर आत्मघाती हमला किया है जिसमें दो अफ़ग़ान नागरिक मारे गए है और 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए है.

मध्य अफ़ग़ानिस्तान के वारदाक प्रांत में हुए इस आत्मघाती हमले में घायल हुए लोगों में ज़्यादातर अमरीकी सैनिक हैं.

नैटो सेना के अनुसार आत्मघाती हमलावर ने ईंधन की लकड़ी से भरे एक ट्रक को मध्य अफ़ग़ानिस्तान के वारदक प्रांत स्थिक नैटो के चेक पोस्ट टकरा दिया.

घायल होने वालों में 77 विदेशी सैनिक और 25 के क़रीब अफ़ग़ान नागरिक शामिल हैं.

अमरीकी राजदूत रयान क्राकर का कहना का था कि अमरीका को भविष्य में होने वाले हमलों से बचाने के लिए अमरीकी सेना अफ़ग़ानिस्तान में है.

नैटो नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल यानी आईएसएफ़ ने रविवार की दोपहर जारी किए गए वक्तव्य में कहा है कि जो भी सैनिक और नागरिक इस हमले में घायल हुए हैं उनमें से किसी को जान का ख़तरा नहीं है.

इस हमले से कुछ घंटों पहले ही तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अमरीकी सेना के विरुद्व लड़ाई तब तक जारी रखने की बात कही थी जब तक अमरीकी सेना देश नहीं छोड़ देती और तालिबान ने ये ज़ोर देकर कहा कि उनका 9/11 हमलों में कोई हाथ नहीं था.

आईएसएफ़ ने अपने वक्तव्य में कहा है कि आईएसएफ़ में शामिल सैनिक जो घायल हुए थे वे जल्द काम पर वापस लौट सकते हैं.

तालिबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

इंटरनेट पर जारी किए गए वक्तव्य में तालिबान ने कहा कि 11 सितंबर को अमरीका पर किए गए हमले का इस्तेमाल उसने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला करने के लिए किया और जिसकी वजह से तालिबान के हाथ से वहां की सत्ता चली गई थी.

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