अफ़ग़ान उप राष्ट्रपति हेलमंद में

अफ़ग़ानिस्तान के उप राष्ट्रपति अब्दुल खलीली ने हेलमंद के मरजा कस्बे का दौरा किया है. कुछ दिन पहले ही इस इलाक़े को तालेबान के प्रभाव से मुक्त घोषित किया गया था.

नैटो और सहयोगी देशों ने हेलमंद में 2001 के बाद से अपना सबसे बड़ा सैनिक अभियान छेड़ा हुआ है और मरजा अभियान मुशतरक का मुख्य केंद्र है.

उप राष्ट्रपति के साथ दौरे पर नैटो कमांडर जनरल स्टेनली मैक्रिस्टल और वरिष्ठ ब्रितानी कूटनयिक मार्क सेडवेल भी थे.

ये बेहद संक्षिप्त पर सांकेतिक तौर पर महत्वपूर्ण दौरा था. उप राष्ट्रपति मरजा इलाक़े में नैटो के हेलीकॉप्टर से आए और गए. लेकिन यहाँ के मुख्य बाज़ार में घूमने की योजना को अंजाम नहीं दिया गया.

अहम दौरा

हालांकि अब्दुल खलीली ने स्थानीय लोगों को संबोधित किया जो एक खेत में इकट्ठा हुए थे.

उन्होंने वादा किया कि केंद्र सरकार ज़िले में शांति और समृद्धि लाने में मदद करेगी.

उनका कहना था कि सरकार मेलमिलाप चाहती है लेकिन जो लोग सुलह के लिए तैयार नहीं है उनके ख़िलाफ़ सरकार मोर्चा खोलेगी.

उप राष्ट्रपति ने कहा कि मरजा तो केवल शुरुआत है.

दौरे के दौरान उप राष्ट्रपति के साथ आए नैटो कमांडर मैक्रिस्टल ने कहा कि ये बहुत अहम बात है कि काबुल से कोई बड़ा राजनीतिक नेता एक ऐसे इलाक़े में आया है जहाँ अब तक तालेबान का नियंत्रण था.

उप राष्ट्रपति के साथ गए बीबीसी संवाददाता क्रिस मॉरिस का आकलन है कि नैटो के लिए अब महत्वपूर्ण बात ये है कि अफ़ग़ान सरकार विकास के अपने वादों को पूरा करे.

संवाददाता के मुताबकि इस बात को लेकर शक जताया जा रहा है कि क्या सरकार ऐसा कर पाएगी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ अफ़ग़ान मंत्री काफ़ी काबिल है. हेलमंद में अमरीका और ब्रिटेन के विशेषज्ञ प्रशासन में मदद करेंगे लेकिन अंतत लोगों तक सुशासन अफ़ग़ान सरकार को ही पहुँचाना है.

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