'तमिलों को सत्ता में साझेदार बनाएँगे'

महिंदा राजपक्षे

महिंदा राजपक्षे को पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सरथ फ़ोनेसका से चुनाव में चुनौती मिल रही है

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने श्रीलंकाई तमिलों के साथ सत्ता में साझेदारी की बात की है.

ग़ौरतलब है कि इस महीने श्रीलंका में राष्ट्रपति पद का चुनाव होने वाला है.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजपक्षे ने कहा कि विधायिका में अल्पसंख्यक तमिलों की ज्यादा हिस्सेदारी के लिए वे सत्ता में उनके साथ साझेदारी करेंगे.

युद्ध की समाप्ति का मतलब संघर्ष की समाप्ति नहीं है. हमें तमिलों की समस्या को राजनीतिक रूप से सुलझाना होगा.

महिंदा राजपक्षे, श्रीलंका के राष्ट्रपति

राजपक्षे ने ये भी कहा कि वे चाहते हैं कि संसद का एक दूसरा सदन हो जिसमें मुख्य रूप से तमिलों के प्रतिनिधि की हिस्सेदारी हो और क़ानून बनाने में भी उनकी भूमिका रहे.

राजपक्षे ने युद्ध के दौरान तहस नहस हो चुके श्रीलंका के उत्तरी इलाक़े के लिए चार अरब डॉलर की राशि के एक फंड की भी घोषणा की है.

तमिल वोट

संवाददाताओं का कहना है कि चुनाव में तमिलों का वोट बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है.

चुनाव में राजपक्षे का मुकाबला पूर्व सेनाध्यक्ष सरथ फ़ोनसेका से है. दोनो ही बहुसंख्यक सिंहली समुदाय है, इस वजह से दोनों के बीच इस समुदाय का वोट बँटने की संभावना है.

संसद में 225 सीटों में से 22 सीटों वाली तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) ने जनरल फ़ोनसेका को पिछले हफ़्ते अपने सहयोग देने की घोषणा की है.

राजपक्षे ने विदेशी पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "युद्ध की समाप्ति का मतलब संघर्ष की समाप्ति नहीं है. हमें तमिलों की समस्या को राजनीतिक रूप से सुलझाना होगा."

संवाददाताओं का कहना है कि श्रीलंका में पहले भी संसद के दो सदन थे लेकिन 70 के दशक में इसे समाप्त कर दिया गया था.

पिछले वर्ष मई में एक निर्णायक लड़ाई में तमिल विद्रोहियों को सेना ने परास्त कर दिया था और इस तरह से 26 वर्ष पुराने संघर्ष का अंत हुआ था.

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