श्रीलंका के पूर्व सेनाध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाए

अब जनरल फ़ोनसेका राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं

श्रीलंका के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सरथ फ़ोनसेका ने देश के रक्षा मंत्री को युद्धापराधों का दोषी ठहराया है.

अब जनरल फ़ोनसेका राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं.

एक अख़बार को दिए इंटरव्यू में जनरल फ़ोनसेका ने कहा कि जब तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ संघर्ष समाप्ति पर था तो रक्षा मंत्री गोतभ्या राजपक्षे ने आदेश दिया था कि सभी तमिल विद्रोही नेताओं को मार दिया जाए और उन्हें आत्मसमर्पण न करने दिया जाए.

इस पर सरकारी प्रवक्ता राजीव विजेसिन्हा ने बीबीसी से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इन आरोपों की जाँच की जाएगी.

तमिल छापामारों के ख़िलाफ़ जब अभियान चलाया जा रहा था, उस दौरान जनरल फ़ोनसेका श्रीलंका के सेनाध्यक्ष थे.

जब तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ संघर्ष समाप्ति पर था तो रक्षा मंत्री गोतभ्या राजपक्षे ने आदेश दिया था कि सभी विद्रोही नेताओं को मार दिया जाए और उन्हें आत्मसमर्पण न करने दिया जाए.

जनरल फ़ोनसेका

लेकिन बाद में उनकी रक्षा मंत्री और उनके भाई और राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से खटपट हो गई थी.

जनरल फ़ोनसेका ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और एक पत्र लिखकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे.

जनरल फ़ोनसेका ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में शिकायत की थी कि एलटीटीई पर जीत के बाद उनके अधिकार छीन लिए गए थे.

उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा था कि लगता है राष्ट्रपति उन पर भरोसा नहीं करते.

उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार को लगातार ये शक था कि सेना उसका तख़्तापलट करने जा रही है.

उल्लेखनीय है कि जनरल सरथ फ़ोनसेका ने तमिल छापामार गुट लिट्टे के ख़िलाफ़ एक कामयाब कार्रवाई का नेतृत्व किया था और एलटीटीई की सैन्य शक्ति को तहसनहस कर दिया था.

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