पाक पर भरोसा रखे भारत: मलिक

रहमान मलिक

रहमान मलिक ने कहा कि मुक़दमा तेज़ी से चल रहा है

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि मुंबई हमलों के अभियुक्तों के ख़िलाफ मुक़दमा चल रहा है. भारत को पाकिस्तान की न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास करना चाहिए और इंतज़ार करना चाहिए.

बीबीसी हिंदी को दिए एक साक्षात्कार में रहमान मलिक ने पाकिस्तान में हो रही मुंबई हमलों की जांच के बारे में कहा, "हम जांच से बहुत आगे जा चुके हैं. हमने जांच कर सात अभियुक्तों के गिरफ़्तार किया, अदालत में पेश किया और सभी के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र भी दाख़िल किए हैं और इस मुक़मदे की सुनवाई भी हो रही है."

उन्होंने आगे बताया, "पाकिस्तानी नेतृत्व ने भारत से बिना शर्त के सहयोग का जो वादा किया था उसको पूरा किया. हमने सातों अभियुक्तों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया, जिसमें प्रमुख साज़िशकर्ता भी शामिल है. उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चल रहा है और भारत को थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए."

बयान

रहमान मलिक के अनुसार भारत ने हाल ही में एक और दस्तावेज़ दिया है जिस को देख कर ही पाकिस्तान अपना वक्तव्य देगा.

पाकिस्तानी नेतृत्व ने भारत से बिना शर्त के सहयोग का जो वादा किया था उसको पूरा किया. हमने सातों अभियुक्तों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया, जिसमें प्रमुख साज़िशकर्ता भी शामिल है. उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चल रहा है और भारत को थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए

रहमान मलिक

उन्होंने कहा, "जो भी सूचना हमने मांगी काफ़ी हद तक भारत ने हमें दी है. उम्मीद है कि जब मैं नया दस्तावेज़ देखूँगा, उसमें अगर कोई कमी हुई तो मैं ज़रूर बताऊँगा."

मुंबई हमलों को लेकर पाकिस्तान की अदालत में मुक़दमा कब तक चलेगा इस सवाल पर गृह मंत्री ने कहा, "देखें बात यह है कि अगर अदालत भी हम हों और फ़रियादी भी हम हों फिर तो मैं बात कर सकता हूँ. सरकारी वकील ठोस सबूतों के आधार पर बेहतर काम कर रहे हैं जो हमें जांच से मिले थे. मैं यह समझता हूँ कि हमारे पास जो सबूत हैं वह काफ़ी ठोस हैं और अदालत की प्रक्रिया तो समय लेगी."

रहमान मलिक ने कहा कि जल्दी ही मुक़दमा पूरा करने की कोशिश की जा रही है और ये भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि उनकी ओर से कोई देरी न हो.

उन्होंने कहा कि अदालती प्रक्रिया में जो सरकार की भूमिका है, वकीलों का काम है वह बेहतर हो और उन्होंने बेहतरी के लिए आदेश भी दिए हैं. मुक़दमा शुरु हो चुका है और जल्दी निपटाने के आदेश भी हैं और वे समझते हैं कि तीन-चार महीने में यह मुक़दमा पूरा होना चहिए.

रहमान मलिक ने भारत सरकार से कहा, "भारत को इंतज़ार करना चाहिए. हम उसकी अदालतों का सम्मान करते हैं और उनको भी हमारी अदालतों को सम्मान करना चाहिए. दोनों ओर से न्यायपालिका का आदर होना चाहिए. तो अभी उन को इंतज़ार करना चाहिए और विश्वास करना चाहिए."

ग़ौरतलब है कि मुंबई हमलों का मुक़दमा रावलपिंडी की एक जेल में चल रहा है और दो सप्ताह पहले जज बाकिर अली राणा ने लाहौर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश से अनुरोध किया था कि वह यह मुक़दमा नहीं चला सकते.

नियुक्ति

मुख्य न्यायधीश ने जज बाक़र अली राणा की जगह नए जज अकरम अवाण को नियुक्त किया था.

आम धारणा यह है कि जज किसी दबाव के कारण मुक़दमा नहीं चला रहे हैं.

इस सवाल पर गृह मंत्री ने कहा, "मैं इस से सहमत नहीं हूँ और वह तो उनके (भारत के) अपने जज भी छोड़ देते हैं. होता यह है कि जब कभी अभियुक्त या उनके वकील यह कह दें कि आप (जज) पक्षपातपूर्ण हैं या आप का किसी दूसरे समुदाय से संबंध है. उस के लिए अगर कोई सज़ा देगा भी तो शायद उसकी इतनी ईमानदारी नहीं मानी जाएगी."

उन्होंने आगे कहा कि जज ने अपने मुख्य न्यायधीश को लिखा था कि अभियुक्तों के वकील उन पर विश्वास नहीं करते और वे यह मुक़दमा नहीं चला सकता. इसके बाद मुख्य न्यायधीश ने यह फ़ैसला लिया कि उनकी जगह एक और जज अकरम अवाण को नियुक्त कर दिया.

(पाकिस्तान के गृह मंत्री से बीबीसी की बातचीत का अगला भाग आप कल पढ़ पाएँगे)

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