
प्रमुख विरोधी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के नाम वापस लेने के बाद स्थिति जटिल हो गई है.
अफ़गानिस्तान में राष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनावों के दूसरे चरण से पहले राष्ट्रपति हामिद करज़ई के विरोधी अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने अपना नाम वापस लेने की घोषणा की है.
डॉ अब्दुल्लाह ने यह कहते हुए चुनावों से नाम वापस लेने की घोषणा की है कि उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की थी लेकिन वो मांग पूरी नहीं हुई है.
उनका कहना था, ‘‘मैं इन चुनावों में हिस्सा नहीं लूंगा.’’ हालांकि उन्होंने शनिवार को होने वाले चुनावों का बहिष्कार करने की बात नहीं की.
मैंने ऐसी अपील नहीं की है
अब्दुल्ला अब्दुल्ला
यह पूछे जाने पर कि क्या वो अपने समर्थकों से मतदान का बहिष्कार करने की अपील करेंगे तो उनका कहना था, ‘‘मैंने ऐसी अपील नहीं की है. ’’
अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने पहले दौर के चुनावों की देख रेख करने वाले अधिकारियों को बर्ख़ास्त करने की मांग की थी लेकिन राष्ट्रपति करज़ई ने यह मांग ख़ारिज़ कर दी थी.
राष्ट्रपति करज़ई के प्रवक्ता वहीद उमर ने कहा कि अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह का नाम वापस लिया जाना ‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’ है लेकिन चुनाव योजना के अनुरुप ही होंगे.
उनका कहना था, ‘‘चुनाव प्रक्रिया को पूरा करना ही होगा. अफ़गानिस्तान की जनता को वोट का अधिकार देना ही होगा.’’
इससे पहले अमरीका ने कहा था कि अगर मुख्य उम्मीदवार ही नाम वापस ले ले तो मतदान की वैधता पर सवाल खड़े हो जाते हैं.
काबुल में बीबीसी के एंड्रयू नार्थ का कहना है कि अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह के नाम वापस लिए जाने से ऐसी परिस्थिति पैदा हुई जो पहले कभी नहीं देखी गई और अभी साफ़ नहीं है कि आगे क्या होगा.
अगस्त में हुए चुनावों के पहले दौर में धांधली के आरोप लगे थे जिसके बाद दूसरे दौर की घोषणा हुई थी.














