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प्रचंड ने दी जनांदोलन की धमकी

नेपाल

नेपाल में सशस्त्र आंदोलन को छोड़ माओवादी राजनीतिक मुख्यधारा में शामिल हुए थे

नेपाल की राजधानी काठमांडू में माओवादियों के हज़ारों समर्थकों ने नेपाली राष्ट्रपति राम बरन यादव के खिलाफ़ एक बड़ा प्रदर्शन किया है.

जब इस साल मई में राष्ट्रपति राम बरन यादव ने माओवादियों के नेतृत्व वाली सरकार की सिफ़ारिश पर देश के तत्कालीन सेनाध्यक्ष को बर्ख़ास्त करने से इनकार कर दिया था तब माओवादियों के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी.

माओवादियों का आरोप है कि राष्ट्रपति ने मंत्रिमंडल का फ़ैसला अस्वीकार करने से निर्वाचित सरकार के अधिकारों का उल्लंघन किया है.

'प्रदर्शन जारी रहेंगे'

अपने समर्थकों की इस रैली को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड ने धमकी दी कि यदि माओवादियों को दोबारा राष्ट्रीय सरकार बनाने की अनुमति नहीं मिलती तो वे जनांदोलन शुरु करेंगे.

काठमांडू के बीबीसी संवाददाता जोआना जौली का कहना है कि अनेक पर्यवेक्षक माओवादियों की इस रैली को शक्ति परीक्षण के रूप में देखेंगे. इसका आशय यह है कि प्रचंड और उनके समर्थक शांति प्रक्रिया के बारे में प्रतिबद्ध हैं लेकिन यदि उन्हें दोबारा सत्ता में आने नहीं दिया जाता तो वे सशस्त्र आंदोलन के लिए भी तैयार हैं.

लेकिन नेपाल की वर्तमान गठबंधन सरकार ने ऐसा करने से इनकार किया है.

रैली में माओवादी समर्थकों ने कहा कि वे संसद की कार्यवाही ठप्प करने के साथ-साथ जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन करेंगे. उनका कहना है कि ये प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक उनकी मांगें मान नहीं ली जातीं.

हालांकि अपने भाषण में प्रचंड ने कहा कि वे मामला सुलझाने के लिए सरकार को एक और मौका देने के लिये तैयार हैं.

बीबीसी को जानिए

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