नेपाल सरकार ने कहा पूरी सुरक्षा देंगे

पशुपतिनाथ मंदिर के नए पुजारी

पशुपतिनाथ मंदिर के नए पुजारियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच पूजा-अर्चना की

नेपाल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री डॉक्टर मिनेंद्र रिजाल में पशुपतिनाथ मंदिर के पुजारियों को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा है कि धर्म के मामले में राजनीति नहीं हो सकती.

बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में डॉक्टर रिजाल ने कहा कि वहाँ पुजारियों की नियुक्ति के मामले में सदियों से चली आ रही परंपरा का ही निर्वाह होगा और अगर किसी को इससे आपत्ति हो तो ये मसला संसद में क़ानून बदलकर ही सुलझाया जा सकता है.

उन्होंने बताया कि वह भारतीय राजदूत राकेश सूद के साथ शनिवार को मंदिर गए थे और वहाँ जाकर उन्होंने मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा का विश्वास दिलाया. उनका कहना था कि वे सभी लोग अब सुरक्षा को लेकर आश्वस्त भी हैं.

सांस्कृतिक मंत्री के अनुसार सरकार हमले के दोषियों को पकड़ेगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी.

पशुपतिनाथ मंदिर में भारतीय मूल के पुजारियों की जगह नेपाली मूल के पुजारियों की ही नियुक्ति की माँग के बारे में उन्होंने कहा कि ये नागरिकता का प्रश्न नहीं है.

उनका कहना था कि वहाँ मंदिर में किसी भी ऐसे हिंदू धर्मावलंबी की नियुक्ति हो सकती है जो इसकी योग्यता रखते हों.

'समिति का फ़ैसला'

क्या कल से ये होगा कि पशुपतिनाथ में नेपाली नागरिकता दिखाकर दर्शन कीजिए और काशी विश्वनाथ में भारतीय नागरिकता दिखाकर

मिनेंद्र रिजाल, नेपाल के संस्कृति मंत्री

डॉक्टर रिजाल के अनुसार, "हमने पुजारियों की नियुक्ति को लेकर एक सिफ़ारिश समिति बनाई थी, जिसमें मूल भट्ट और दो नेपाली विद्वान थे. उन्होंने सिफ़ारिश की और उसी आधार पर हमने ये फ़ैसला किया."

उन्होंने कहा, "क्या कल से ये होगा कि पशुपतिनाथ में नेपाली नागरिकता दिखाकर दर्शन कीजिए और काशी विश्वनाथ में भारतीय नागरिकता दिखाकर. कहीं ऐसा हुआ है- फिर वो चाहे किसी भी धर्म में हो. ये नागरिकता की नहीं बल्कि धर्मावलंबियों की बात है."

सांस्कृतिक मामलों के मंत्री का कहना था कि भारत में 100 से ज़्यादा मंदिर ऐसे हैं जहाँ नेपाली पुजारी हैं, तो क्या वहाँ ये हो सकता है कि वहाँ नेपाली पुजारी अब नहीं होने चाहिए, पुजारी की भारतीय नागरिकता देखेंगे.

पशुपतिनाथ मंदिर में शुक्रवार को कथित तौर पर माओवादियों ने दो नवनियुक्त भारतीय पुजारियों की पिटाई की थी, उनके कपड़े फाड़ दिए थे और जनेऊ तोड़ दिया था.

इन पुजारियों को बचाने की कोशिश कर रहे चार पुलिसकर्मी भी इस दौरान घायल हो गए थे.

पशुपतिनाथ मंदिर में भारतीय पुजारियों की नियुक्ति को लेकर माओवादी अपना विरोध जताते रहे हैं. उनकी माँग है कि मंदिर में भारत के बजाय नेपाल के पुजारियों को नियुक्त करना चाहिए.

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