
अभियान में 4000 अमरीकी मरीन सैनिक, 650 अफ़ग़ान सैनिक भाग ले रहे हैं
अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत हेलमंद में अमरीकी सेना ने अफ़ग़ान सैनिकों के सहयोग से तालेबान के ख़िलाफ़ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरु किया है.
अमरीकी सेना का कहना है कि इस सैन्य अभियान में लगभग 4000 अमरीकी मरीन सैनिक और 650 अफ़ग़ान सैनिक भाग ले रहे हैं.
इस सैन्य अभियान का मक़सद इस साल 20 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनावों से पहले सुरक्षा के बेहतर बनाना और उन इलाक़ो में वोटरों का पंजीकरण करना है जहाँ ऐसा पहले नहीं हुआ है.
राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में ये पहला बड़ा सैन्य अभियान है.
'फ़िलहाल आमना-सामना नहीं'
अमरीकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह वियतनाम के बाद मरीन सैनिकों का सबसे बड़ा अभियान है.
ऑपरेशन की शुरुआत सैनिकों के हेलमंद नदी की घाटी से गुरुवार तड़के हुई.
नैटो लड़ाकू विमानों के इस्तेमाल के साथ-साथ हेलिकॉप्टरों और भारी यातायात वाहनों के साथ सैन्य अभियान शुरु हुआ.
दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान को तालेबान का गढ़ माना जाता है.
अभियान के दौरान सुरक्षा बल अड्डे बनाते जाएँगे और स्थानीय लोगों को सुरक्षा प्रदान करेंगे ताकि वे बेहतर महौल में अपना काम करें और शांति से रोज़मर्रा का जीवन व्यतीत करें
हेलमंद के गवर्नर
अमरीकी सेना के ब्रिगेडियर जनरल लैरी निकोलसन ने एक बयान में कहा, "हम जहाँ जाएँगे उस इलाक़े पर नियंत्रण बनाकर रखेंगे और निर्माण कार्य करते हुए अफ़ग़ान फ़ौजों को सुरक्षा की ज़िम्मेदारी का हस्तांतरण करने की कोशिश करेंगे."
अमरीकी सेना के प्रवक्ता कैप्टन विलियम पेलेटियर ने बीबीसी को बताया, "अभियान के शुरुआती घंटों में दुश्मन से आमना-सामना नहीं हुआ है. एक मरीन सैनिक तब घायल हो गया जब एक अत्याधुनिक विस्फोटक का धमाका हुआ."
हेलमंद के गवर्नर गुलाब मंगल का कहना था, "अभियान के दौरान सुरक्षा बल अड्डे बनाते जाएँगे और स्थानीय लोगों को सुरक्षा प्रदान करेंगे ताकि वे बेहतर महौल में अपना काम करें और शांति से रोज़मर्रा का जीवन व्यतीत करें.
जून 2009 से नैटो के अंतरराष्ट्रीय दल में 42 देशों से 61 हज़ार 130 सैनिक थे. इसमें सबसे अधिक अमरीकी सैनिक हैं जिनकी संख्या 28 हज़ार 850 है.














