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सोमवार, 22 सितंबर, 2003 को 05:12 GMT तक के समाचार तालेबान ने फिर कमर कसी?
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तालेबान फिर एकजुट होने की कोशिश में है तालेबान
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पेशावर से रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई
अफ़ग़ानिस्तान पर अमरीकी हमले के बाद सत्ता से निकाले जा चुके तालेबान ने वहाँ तैनात अंतरराष्ट्रीय सेना के ख़िलाफ़ लड़ाई की एक व्यापक योजना बनाई है.
इसे अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर ख़तरा माना जा रहा है.
तालेबान ने एक सैनिक आयोग समेत चार नए आयोग स्थापित किए हैं. इनसे राय लेकर तालेबान लड़ाके अमरीका के नेतृत्व वाली सेना का विरोध करेंगे.
अन्य आयोग राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक काम करेंगे. बीबीसी को ये सूचना तालेबान के नवनियुक्त सैनिक प्रवक्ता हामिद आग़ा ने सैटेलाइट फ़ोन के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान से दी है.
'लीडरशिप काऊँसिल'
हामिद आग़ा ने ये भी बताया कि तालेबान के राजनीतिक और सैनिक नेताओं की अफ़ग़ानिस्तान में एक गुप्त जगह पर बैठक हुई है और एक दस सदसीय 'लीडरशिप काऊँसिल' यानि नेतृत्व करने वाली परिषद को भी समर्थन देने की घोषणा की गई है.
तालेबान के प्रमुख नेता मुल्ला मोहम्मद उमर ने इस परिषद की घोषणा की थी.
इस परिषद ने सभी तालेबान के सभी सैनिक कमांडरों को आदेश दिए थे कि वे अमरीकी नेतृत्व वाली सेनाओं पर तब तक हमले करते रहें जब तक सभी अमरीकियों को अफ़ग़ानिस्तान से निकाल नहीं दिया जाता वहाँ इस्लामी सरकार नहीं बन जाती.
तालेबान के सैनिक प्रवक्ता ने दावा किया कि अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी भाग में चार ज़िले उनके कब्ज़े में हैं.
ये ज़िले ज़ाबुल और पक्टीका प्रांतों में हैं.
अफ़ग़ानिस्तान की सरकार या अमरीका की ओर से इस विषय में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही तालेबान के इस दावे की किसी स्वतंत्र सूत्र से पुष्टि हो सकी है. |
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