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शुक्रवार, 19 सितंबर, 2003 को 14:28 GMT तक के समाचार बाबरी मुक़दमे पर प्रतिक्रिया
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छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को ढहा दिया गया था
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बाबरी विध्वंस मामले में बरी किए जाने पर उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
जबकि बाबरी विध्वंस मामले में चल रहे मुक़दमे से लंबे समय से जुड़े रहे वकील आईबी सिंह का कहना है कि "इस मामले में सीबीआई और सरकार ने दोहरे मानदंड अपनाए हैं जिसका कुछ फ़ायदा अभियुक्तों को मिला है."
भारतीय जनता पार्टी ने के अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा है, "अयोध्या में ढाँचे को गिराने में इन लोगों का कोई हाथ नहीं रहा है इसलिए आडवाणी जी को बरी कर दिया गया है."
मुझे तो बरी कर दिया गया है लेकिन मेरे कुछ सहयोगियों के ख़िलाफ़ आरोप तय किए जा रहे हैं इसलिए मेरी प्रतिक्रिया मिलीजुली ही है | | लालकृष्ण आडवाणी | "हमारा मानना है कि बाक़ी नेताओं को भी बरी कर दिया जाना चाहिए. इन नेताओं के ख़िलाफ़ ये मुक़दमे राजनीति से प्रेरित हैं और हम राजनीतिक और क़ानूनी दोनों ही स्तरों पर इनका मुक़ाबला करेंगे."
दूसरी तरफ़ विपक्षी दल काँग्रेस ने इस फ़ैसले पर कुछ नपीतुली प्रतिक्रिया दी है जबकि वामपंथी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है, "भगवान राम के जन्म स्थल पर एक ढाँचे को गिराने की साज़िश में शामिल होने के शक पर मुझे 11 साल पहले गिरफ़्तार किया गया था लेकिन अब मुझे सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है."
"मुझे कुछ राहत तो मिली है, मुझे तो बरी कर दिया गया है लेकिन मेरे कुछ सहयोगियों के ख़िलाफ़ आरोप तय किए जा रहे हैं इसलिए मेरी प्रतिक्रिया मिलीजुली ही है."
आडवाणी का कहना था, "मैं यह नहीं समझ पा रहा हूँ कि मेरे और मेरे सहयोगियों के बीच किस आधार पर फ़र्क़ किया गया."
"दोहरे मानदंड"
दूसरी तरफ़ इस मुक़दमे से लंबे समय से जुड़े रहे वकील आईबी सिंह का कहना है कि इस पर ताज्जुब ज़रूर हुआ है कि आडवाणी को बरी कर दिया गया है और बाक़ी लोगों के ख़िलाफ़ आरोप निर्धारित किए जा रहे हैं.
जो सबूत सीबीआई ने पेश किए थे उनके अनुसार आडवाणी और जोशी के ख़िलाफ़ कोई अलग-अलग सबूत नहीं थे इसलिए जब सबूत एक जैसे ही हैं तो फ़ैसला भी एक जैसा ही होना चाहिए था | | आईबी सिंह | "जो सबूत सीबीआई ने पेश किए थे उनके अनुसार आडवाणी और जोशी के ख़िलाफ़ कोई अलग-अलग सबूत नहीं थे इसलिए जब सबूत एक जैसे ही हैं तो फ़ैसला भी एक जैसा ही होना चाहिए था."
आईबी सिंह का कहना था कि सीबीआई और सरकार ने इस मामले में दोहरे मानदंड अपनाए हैं.
"जब एक ही आरोप-पत्र दाख़िल किया गया था तो कोशिश यही होनी चाहिए थी कि यह मुक़दमा एक ही जगह और एक साथ चलाया जाता तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता."
आईबी सिंह का कहना है कि चूँकि इन मुक़दमों का अलग कर दिया गया इसलिए मुक़दमें पर फ़र्क़ तो पड़ा है और इसका फ़ायदा अभियुक्तों को मिला है.
विपक्ष
काँग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा है कि यह अभियोजन पक्ष की ज़िम्मेदारी है कि किसी भी मुक़दमे को तार्किक नतीजे तक ले जाए.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता एबी बर्धन ने इस फ़ैसले को "समझ के बाहर" बताया है.
सीबीआई चूँकि आडवाणी के मंत्रालय का ही एक हिस्सा है इसलिए हो सकता है कि वह उनके ख़िलाफ़ क़दम नहीं उठाना चाहती हो | | एबी बर्धन | "आडवाणी पूरे आंदोलन के नेता थे इसलिए उन्हें कैसे बरी किया जा सकता है....सीबीआई चूँकि आडवाणी के मंत्रालय का ही एक हिस्सा है इसलिए हो सकता है कि वह उनके ख़िलाफ़ क़दम नहीं उठाना चाहती हो."
समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह का कहना था कि उनकी पार्टी अदालत के फ़ैसले का सम्मान करती है.
ग़ौरतलब है कि रायबरेली की अदालत ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मुक़दमे में लालकृष्ण आडवणी को तो बरी कर दिया है लेकिन केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित सात लोगों के ख़िलाफ़ 10 अक्तूबर तक आरोप तय किए जाएँगे.
इस मामले में अन्य अभियुक्त हैं, विनय कटियार, अशोक सिंघल, आचार्य गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया और साध्वी ऋतंभरा. |
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