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बुधवार, 13 अगस्त, 2003 को 10:00 GMT तक के समाचार हर ललक पूरी करने की लालसा
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नई कार, नया सूट, मोटा बैंक बैलेंस, चमचमाते जूते, विदेश यात्रा...भारत का मध्यम वर्ग हर रोज़ विज्ञापनों की दुनिया में गोते लगा रहा है और हर रोज़ नए-नए सपने पाल रहा है. उदारीकरण के दौर की शुरूआत के बाद भारतीय मध्यम वर्ग का चेहरा ही नहीं, उसकी सोच, उसके मूल्य, उसका रवैया सब कुछ बदला है. विस्तार से नज़र डाली है रेहान फ़ज़ल ने.
आधुनिक या परंपरावादी?
अँगरेज़ी शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ती उपस्थिति, ख़ूबसूरती का दुनिया भर में दबदबा, तो दूसरी ओर दहेज की समस्या और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार. आख़िर असली चेहरा कैसा है भारतीय मध्यम वर्ग का?
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उसकी कमीज़ ज़्यादा सफ़ेद कैसे?
आज के मध्यम वर्ग में जागरूकता तो है लेकिन वह ख़ुद के बारे में ज़्यादा सतर्क नज़र आता है. मध्यम वर्ग में एक दूसरे को देखकर जीवन शैली बदलने की होड़ सी लगी हुई है, यानी ख़रबूज़ा ख़रबूज़े को देखकर रंग बदल रहा है.
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मध्य वर्ग कितना लोकतांत्रिक?
भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है और यहाँ के मध्यम वर्ग को सबसे शक्तिशाली माना जाता है. यह वर्ग कई बार सरकारें भी बदल चुका है. लेकिन क्या अब वह लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उदासीन होता जा रहा है?
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सेक्स के सवाल पर संकोच
भारतीय मध्यम वर्ग में क्या सेक्स के प्रति लोगों के नज़रिए मे पहले की तुलना मे लचीलापन आया है? क्या लोग खुलेआम यौन संबंधों पर चर्चा करने लगे हैं या फिर वे अब भी शर्माते हैं? क्या मध्यमवर्गीय भारतीय पुरूषों के मानदंड दोहरे नहीं हैं?
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धार्मिक या सांप्रदायिक?
भारत शुरू से ही तीर्थों, और व्रत-उपवास का देश रहा है लेकिन इस धार्मिकता के सांप्रदायिकता में बदलने के उदाहरण भी सामने हैं, जिनमें सबसे ताज़ा है गुजरात की सांप्रदायिक हिंसा. भारत का मध्यम वर्ग सांप्रदायिक तो नहीं?
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बदलता आहार, बदलते विचार
भारतीय मध्य वर्ग की जीवन शैली तेज़ी से बदली है, घर से बाहर खाना, महँगे कपड़े पहनना और कार में घूमना अब एक सुंदर सपना नहीं बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है. क्या इसने विचारों को भी बदला है?
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मध्यम वर्ग की बदलती परिभाषा
आय के साथ-साथ अब यह भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है कि आप किस इलाक़े में रहते हैं, आपके बच्चे कहाँ पढ़ते हैं, आपकी गाड़ी का मॉडल क्या है, आपके पास नया मोबाइल है या नहीं. मध्यम वर्ग कमाई से अधिक जीवन शैली का नाम बन गया है.
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