|
|
 |
गुरुवार, 17 जुलाई, 2003 को 17:36 GMT तक के समाचार ग्वांतानामो से रिहाई मिली
|

अफ़ग़ानिस्तान में कार्रवाई के दौरान कई बंदी बनाए गए थे
|
ग्वांतानामो जेल से रिहा हुए 13 पाकिस्तानी नागरिक इस्लामाबाद पहुँच गए हैं.
अमरीकी सैनिकों ने इन लोगों को संदिग्ध आतंकवादी समझकर क्यूबा के ग्वांतानामो जेल में रखा था.
अमरीकी सैनिकों ने अफ़ग़ानिस्तान में कार्रवाई के दौरान 54 पाकिस्तानी नागरिकों को अल क़ायदा से कथित संपर्क के कारण बंदी बनाया था.
 ग्वांतानामो जेल में क़ैदियों के साथ बुरे बर्ताव के आरोप लगते हैं | इन 13 पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर अमरीकी वायु सेना का विशेष विमान इस्लामाबाद पहुँचा.
ग्वांतानामो जेल से रिहा हुए इन पाकिस्तानी नागरिकों को औपचारिक रूप से स्थानीय अधिकारियों को सौंप दिया गया.
लेकिन अधिकारियों ने इन नागरिकों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी.
पकड़े गए ज़्यादातर पाकिस्तानी देश के कट्टरपंथी इस्लामी गुटों के सदस्य थे और अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व तालेबान शासन के प्रति उनकी सहानुभूति थी.
अफ़ग़ानिस्तान में सैनिक कार्रवाई के बाद तालेबान शासन का अंत हो गया और उसके बाद सैकड़ो पाकिस्तानियों को अफ़ग़ान सरदारों ने पकड़ कर अमरीकी सैनिकों के हवाले कर दिया.
सैकड़ों बंदी
इनमें से 54 पाकिस्तानी नागरिकों को अमरीकी सैनिक ग्वांतानामो के कैंप डेल्टा ले गए.
इनके साथ-साथ बड़ी संख्या में अफ़ग़ानियों को भी ग्वांतानामो ले जाया गया.
पिछले साल के आख़िर में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ग्वांतानामो भेजा था.
ये अधिकारी वहाँ की जेल में बंद पाकिस्तानी नागरिकों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने गए थे.
ग्वांतानामो से लौट कर पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह घोषणा की कि वहाँ बंद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक का संपर्क अल क़ायदा से नहीं हैं.
उन्होंने अमरीकी अधिकारियों से अपील की कि इन नागरिकों को रिहा कर दिया जाए.
यह भी माना जाता है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने अपनी हालिया अमरीका यात्रा के दौरान यह मुद्दा उठाया था. |
|
|
 |
 |
इंटरनेट लिंक्स
 |
 |
अमरीकी न्याय विभाग |
बीबीसी अन्य वेब साइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है
 |
|