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शनिवार, 12 जुलाई, 2003 को 23:28 GMT तक के समाचार 'क़ानून बनाने पर विचार होगा'
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शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के असफल होने पर विकल्प खोजे गए
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भारत में हिंदूवादी संगठनों के दबाव के कारण केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व राम जन्मभूमि मामले में क़ानून बनाने पर विचार करने को तैयार हो गया है.
समाचार माध्यमों के अनुसार इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी की रायपुर में 18 से 20 जुलाई तक होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में विचार होगा.
बीजेपी क़ानून बनाने के विषय पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विचार करेगी ताकि राम मंदिर का निर्माण किया जा सके | | मदनदास देवी, आरएसएस नेता | आरएसएस के संयुक्त महासचिव मदनदास देवी ने पत्रकारों से कहा कि 'भारतीय जनता पार्टी क़ानून बनाने के विषय पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विचार करेगी ताकि राम मंदिर का निर्माण किया जा सके.'
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार इस विषय में क़ानून बनाने की माँग को ख़ारिज करते आए हैं.
वे कहते रहे हैं कि यह विषय सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की कार्यसूची में शामिल नहीं है और संसद में भाजपा के इतने सांसद नहीं है कि वह अपने दम पर ये काम कर सके.
कट्टरवादी हिंदू नेता चाहते हैं कि अयोध्या मामले पर संसद क़ानून बनाए ताकि विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण किया जाए. अब तक इस विवाद में मुसलमानों का पक्ष रख रहा मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड इसके लिए तैयार नहीं है.
इस घटनाक्रम के बाद विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के स्वर में भी कुछ परिवर्तन आया है और अब विहिप नेता अशोक सिंघल का कहना है कि उन्होंने 'कभी भी प्रधानमंत्री वाजपेयी का इस्तीफ़ा नहीं माँगा.'
दिग्गजों की बैठक
इस संबंध में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के नेता शनिवार को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से उनके निवास स्थान पर मिले.
इस बैठक में प्रधानमंत्री वाजपेयी के अलावा उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी अध्यक्ष वेंकैया नायडू और आरएसएस प्रमुख के एस सुदर्शन ने भाग लिया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार आरएसएस के संयुक्त महासचिव मदनदास देवी ने कहा कि 'भाजपा क़ानून बनाने के विषय पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विचार करेगी ताकि राम मंदिर का निर्माण किया जा सके.'
उन्होंने इस विषय में विश्व हिंदू परिषद की प्रधानमंत्री वाजपेयी के इस्तीफ़े की पहले की गई माँग को भी अनुचित ठहराया.
कुछ समाचार माध्यमों में आई रिपोर्टों के अनुसार विश्व हिंदू परिषद सितंबर तक ऐसा विधेयक लाए जाने की पहले निर्धारित की गई समयसीमा को फ़िलहाल छोड़ने के लिए भी तैयार हो गई है. |
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