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शुक्रवार, 13 जून, 2003 को 19:38 GMT तक के समाचार
शरणार्थी बने पूर्व प्रधानमंत्री
काज़ी ज़फ़र अहमद 1988 से 1990 तक प्रधानमंत्री थे
काज़ी ज़फ़र अहमद 1988 से 1990 तक प्रधानमंत्री थे

वित्तीय धांधली के लिए सज़ा पाने वाले बांग्लादेश के एक पूर्व प्रधानमंत्री के ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का मुद्दा तूल पकड़ रहा है.

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अब मामले की जाँच के आदेश दिए हैं.

काज़ी ज़फ़र अहमद बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री हैं और उनकी अनुपस्थिति में उन्हें 15 साल क़ैद की सज़ा सुनाई दी गई थी.

उन्हें एक कैंसर अस्पताल के नाम पर रकम ऐंठने का दोषी पाया गया था.

सज़ा सुनाए जाने के समय काज़ी ज़फ़र अहमद इलाज के लिए ऑस्ट्रेलिया में थे.

उस समय उन्हें ज़मानत पर रिहाई दी गई थी.

काज़ी ज़फ़र अहमद 1988 से 1990 तक बांग्लादेश के प्रधानमंत्री थे.

जाँच

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का कहना है कि अब ये जाँच की जाएगी कि काज़ी ज़फ़र अहमद ने किस तरह शरणार्थी का दर्जा पाया.


काज़ी ज़फ़र अहमद अभी सिडनी में रह रहे हैं
उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई रेडियो को बताया, " देखने से तो लगता है कि मामला पेचीदा रहा होगा मगर जिन्होंने ऐसा किया होगा उनके पास इसका जवाब ज़रूर होगा".

एक ऑस्ट्रेलियाई अख़बार के अनुसार अहमद अभी अपने परिवार के साथ सिडनी में रह रहे हैं और उन्हें ख़राब स्वास्थ्य के नाम पर पेंशन दी जा रही है.

अख़बार ने ऑस्ट्रेलियाई आप्रवास विभाग के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया है कि आपराधिक रिकॉर्ड होने के कारण किसी को शरणार्थी का दर्जा पाने के लिए आवेदन करने से नहीं रोका जा सकता.

सफ़ाई

काज़ी अहमद ने ऑस्ट्रेलियाई रेडियो को बताया है कि उन्हें शरण लेने की अनुमति इसलिए दी गई क्योंकि बांग्लादेश में उनकी जान को ख़तरा था.


मुझे शरण दी गई क्योंकि मेरी जान को ख़तरा था

काज़ी ज़फ़र अहमद
उन्होंने एबीसी रेडियो से कहा, " अधिकारियों ने मेरे बयान को सही पाया कि मुझे कोई न्याय नहीं मिल सकता और इस कारण मैं बांग्लादेश नहीं जा सकता".

उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को " बिल्कुल बेबुनियाद " बताया और कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी उन्हें जान-बूझकर फँसा रहे हैं.
 
 
इंटरनेट लिंक्स
बांग्लादेश सरकार
ऑस्ट्रेलियाई आप्रवास विभाग
ऑस्ट्रेलियाई शरणार्थी परिषद
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