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रविवार, 04 मई, 2003 को 22:32 GMT तक के समाचार तालेबान की जिहाद की धमकी
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फिर एकजुट होने की कोशिश में है तालेबान
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अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता से हटाए जाने के बाद छिपकर रह रहे तालेबान के एक वरिष्ठ नेता ने अमरीका और उसके सहयोगियों के विरुद्ध जिहाद की चेतावनी दी है.
तालेबान के प्रमुख ठिकाने रहे कंधार के पूर्व गवर्नर मुल्ला मोहम्मद हसन रहमानी ने किसी अज्ञात स्थान से उपग्रह फ़ोन के ज़रिए रॉयटर्स संवाद समिति को दिए साक्षात्कार में ये चेतावनी दी.
तक़रीबन डेढ़ साल पहले अमरीकी नेतृत्व में सेनाओं ने कार्रवाई कर अफ़गानिस्तान से कट्टरपंथी तालेबान शासन ख़त्म कर दिया था और ज़्यादातर तालेबान नेता भाग गए थे.
अब मुल्ला रहमानी किसी अज्ञात स्थान से बाहर आए और उन्होंने उसके बाद से पहली बार कोई संदेश दिया है.
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में क़ब्ज़े के लिए अमरीकियों और अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के विरुद्ध जिहाद जारी रहेगा.
अफ़ग़ान नेता को उन्होंने 'अमरीका का एक क्लर्क और उत्तरी गठजोड़ के हाथों का खिलौना' बताया. अभी अफ़ग़ानिस्तान की सरकार में उत्तरी गठजोड़ का ही प्रभुत्व है.
अल-क़ायदा से संबंध
अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि मुल्ला रहमानी उन नेताओं में से थे जिनका अल-क़ायदा नेटवर्क से संबंध थे और वह पूर्व तालेबान नेता मुल्ला उमर के विश्वसनीय सलाहकार भी थे.
 हामिद करज़ई के विरुद्ध भी जिहाद की चेतावनी | उल्लेखनीय है कि मुल्ला उमर अभी छिपे हुए हैं.
इस संदेश से लगभग एक माह पहले ही तालेबान के एक सैनिक कमांडर मुल्ला दादुल्ला और एक अन्य कमांडर ने भी ऐसे ही संदेश दिए थे.
काबुल में मौजूद प्रेक्षकों का कहना है कि मुल्ला रहमानी कोई सैनिक कमांडर नहीं थे इसलिए उनकी चेतावनी का उतना महत्व नहीं है.
मगर उनका ये भी कहना है कि इससे एक बात लग रही है कि तालेबान का बचा-खुचा नेतृत्व आपस में समन्वय कर रहा है और एक स्तर पर उनके बीच संवाद भी क़ायम है.
पिछले कुछ महीनों में तालेबान के लड़ाकू एकजुट हुए हैं और उन्होंने देश के दक्षिण और दक्षिण पूर्व में अफ़ग़ान सेना के साथ ही अमरीकी सेना के विरुद्ध भी हमले तेज़ किए हैं.
इनके हाथों अमरीकियों सहित कई सैनिक मारे गए हैं.
अमरीका के नेतृत्व वाली सेना ने कई बड़े अभियान छेड़े हैं और लड़ाकुओं के कुछ समूहों को पकड़ा भी है मगर माना जाता है कि कई और अभी पाकिस्तान के सीमा के इर्दगिर्द छुपे हुए हैं. |
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