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मंगलवार, 29 अप्रैल, 2003 को 11:58 GMT तक के समाचार बैंक दर में कटौती
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जालान ने रिज़र्व बैंक की मुद्रा व ऋण नीति की घोषणा की
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भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंक दर और 'कैश रिज़र्व रेश्यो' यानि नकद जमा अनुपात में 0.25 फीसदी कटौती करने की घोषणा की है.
मंगलवार को वर्ष 2003-04 के लिए अपनी मुद्रा और ऋण नीति की घोषणा करते हुए रिज़र्व बैंक के गवर्नर बिमल जालान ने कहा कि इससे सरकार को अतिरिक्त 30 अरब रुपए मिलेंगे.
| | मुद्रा स्फीति की दर के वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में गिरने की उम्मीद है, जो बहुत कुछ मानसून और तेल की कीमतों पर निर्भर करता है. | जालान ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में मुद्रा स्फीति की दर पाँच से साढ़े पाँच फीसदी रहने की उम्मीद है जबकि विकास दर छह फीसदी के आसपास रहेगी.
रिज़र्व बैंक के इस फैसले के बाद बैंक दर घटकर छह फीसदी और सीआरआर यानि 'कैश रिज़र्व रेश्यो' 4.25 फीसदी रह गया है.
और कमी नहीं
जालान ने कहा कि कई बुनियादी समस्याओं के मद्देनज़र मौजूदा बैंक दर कम है और फिलहाल इसे और कम करने का कोई इरादा नहीं है.
सीआरआर बैलेंस पर हर महीने ब्याज के भुगतान के बारे में जालान ने कहा कि इस तरह का पहला भुगतान अप्रैल 2003 के लिए किया जाएगा.
| | रिज़र्व बैंक के इस फैसले के बाद बैंक दर घटकर छह फीसदी और सीआरआर यानि 'कैश रिज़र्व रेश्यो' 4.25 फीसदी रह गया है. | मौजूदा अस्थिर वातावरण को देखते हुए आरबीआई ने योग्य निर्यात ऋण के लिए वित्तीय सुविधा देने का फिर फैसला किया है.
इस सुविधा पर अगले महीने फैसला करने की योजना बनाई गई थी लेकिन अब अक्टूबर में इसकी समीक्षा की जाएगी.
मुद्रा स्फीति के बारे में जालान ने कहा, "मुद्रा स्फीति की दर के वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में गिरने की उम्मीद है, जो बहुत कुछ मानसून और तेल की कीमतों पर निर्भर करता है."
सहकारी बैंकों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाते हुए जालान ने घोषणा की कि इन बैंकों के निदेशक अपने बैंकों से ऋण नहीं ले सकेंगे. |
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