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बुधवार, 05 मार्च, 2003 को 08:02 GMT तक के समाचार पाकिस्तानियों का पलायन
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अनेक संभावित शरणार्थी अस्थाई शिविरों में रह रहे हैं
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अधिकांश लोगों के लिए अमरीका से कनाडा की सीमा में प्रवेश करना किसी भी अन्य देश में जाने जैसा ही है, लेकिन पाकिस्तानियों के लिए यह जैसे अपना भविष्य सुरक्षित करने का आख़िरी मौक़ा है.
अमरीका में सुरक्षा संबंधी नए उपायों के लागू होने के बाद वहाँ रह रहे पाकिस्तानी बड़ी संख्या में कनाडा में शरणार्थी बनने का प्रयास कर रहे हैं.
 परवीन कहती हैं कि 11 सितंबर के बाद अमरीका में सब कुछ बदल गया है | कनाडा के आव्रजन नियंत्रण विभाग के अधिकारी ज्याँ चेनी ने बीबीसी को बताया, "हमारे पास रोज़ाना शरण पाने के औसतन 12 आवेदन आ रहे हैं."
"और दिसंबर के बाद से शरण पाने के इन इच्छुकों में से अधिकांश पाकिस्तानी हैं."
बड़ी संख्या में ऐसे आवेदकों को कनाडा के अधिकारियों ने वापस भेज दिया है और ये न्यू इंग्लैंड के विभिन्न शहरों में देखे जा सकते हैं.
डर
कई ख़ैराती संस्थाओं ने इन संभावित शरणार्थियों के लिए रहने की व्यवस्था की है.
ऐसी ही एक संस्था वर्मोंट रिफ़्यूजी असिस्टेंस के पैट्रिक गियानतोनियो ने कहा, "इन लोगों को डर इस बात है कि रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आगे आने के बाद भी उन्हें हिरासत में रखा जाएगा और बाद में वापस स्वदेश भेज दिया जाएगा."
"और यदि वे रजिस्ट्रेशन के लिए आगे नहीं आते हैं तो अंतत: उन्हें पकड़ लिया जाएगा."
अस्थाई शिविरों में रह रहे पाकिस्तानी आम तौर पर बात करने से कतराते हैं.
दो महिलाओं ने कहा, "मेरे पिताजी और मेरे भाइओं ने कुछ भी अवैध नहीं किया था, लेकिन उन्हें बिना वजह दो दिनों के लिए हिरासत में रखा गया."
परवीन नाम की महिला ने कहा, "11 सितंबर के बाद नियम, क़ानून सब बदल गया है."
इस बीच कनाडा और अमरीका ने अपनी सीमा पर पहरेदारी बढ़ा दी है और दोनों देश शरण चाहने वालों पर दबाव बना रहे हैं कि वे उस देश में अपना आवेदन दें जहाँ वे पहली बार आए थे.
हालाँकि कनाडा सरकार का कहना है कि वह वास्तविक शरणार्थियों की सहायता करने की नीति को नहीं छोड़ रही. |
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