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रविवार, 05 जनवरी, 2003 को 04:19 GMT तक के समाचार
पाक वैज्ञानिकों में भगदड़
पाकिस्तानी डाक टिकट पर चश्मा संयंत्र की तस्वीर
पाकिस्तानी डाक टिकट पर चश्मा संयंत्र की तस्वीर

अमरीका से चलने वाली वेबसाइट साउथ एशिया ट्रिब्यून ने ख़बर दी है कि पाकिस्तान के परमाणु बिजलीघर में काम करनेवाले कम से कम नौ वैज्ञानिक चुपचाप देश छोड़कर भाग गए हैं.

वेबसाइट के अनुसार इन वैज्ञानिकों ने न तो सरकार से इसके लिए इजाज़त ली और न ही उसे कोई सूचना दी.

साउथ एशिया ट्रिब्यून के संपादक ख़ुद एक वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार हैं.

वेबसाइट ने पाकिस्तानी परमाणु इंजीनियरों की सरकार को लिखी एक चिट्ठी भी छापी है जिसमें कहा गया है कि देश के परमाणु संयंत्रों में सुरक्षा के इंतजाम ठीक नहीं हैं.

पत्र में लिखा है कि सुरक्षा ख़ामियों की वजह से यहाँ काम करना ख़तरनाक है और इसी वजह से कई वैज्ञानिक या तो नौकरी छोड़ कर विदेश चले गए हैं या जाने की फ़िराक में हैं.

मुद्दा क्या है?

शाहीन सहबाई का कहना है कि कई बार वैज्ञानिक बेहतर नौकरियों और अच्छी तनख़्वाह के लिए विदेश चले जाते हैं. लेकिन यहाँ मामला कुछ और ही है.

उनका कहना है कि चश्मा परमाणु संयंत्र के इंजीनियरों की चिट्ठी पर गंभीरता से विचार किया जाना ज़रूरी है.

पाकिस्तानी सरकार को लिखे इस पत्र में देश के परमाणु संयंत्रो के रखरखाव ही नहीं बल्कि वहाँ काम करने के माहौल पर भी चिंता जताई गई है.

वेबसाइट के अनुसार इंजीनियरों ने लिखा है कि ऐसे हालात में मानवीय ग़लती की आशंका बढ़ जाती है और चेरनोबिल और थ्री माइल आयलैंड संयंत्रों जैसी दुर्घटना हो सकती है.

मध्य पाकिस्तान में बना चश्मा परमाणु संयंत्र चीन की सहायता से बनाया गया था.

समझा जाता है कि देश छोड चुके परमाणु वैज्ञानिकों में से कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने चीन में प्रशिक्षण लिया था.

साउथ एशिया ट्रिब्यून के अनुसार देश छोडने वाले अधिकतर पाकिस्तानी परमाणु वैज्ञानिक अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में काम कर रहे हैं.

लेकिन यह आशंका हमेशा बनी रहती है कि आगे कुछ वैज्ञानिक ऐसे देशों के लिए काम करें जिन्हें अमरीका और पश्चिमी देश संदेह की नज़र से देखते हैं और उनके हथियार कार्यक्रमों से चिंतित रहते हैं.

इससे चिंता के दो बड़े मुद्दे खड़े हो सकते हैं.

एक तो यह कि पाकिस्तान के परमाणु संयंत्र कितने सुरक्षित हैं और चेरनोबिल जैसी दुर्घटनाओं को टालने के लिए क्या व्यापक इंतज़ाम हैं?

और दूसरा वो जिसकी आशंका हाल ही में रूस ने जताई थी. रूस के राष्ट्रपति ने कहा था कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार ग़लत हाथों में पड़ सकते हैं.

इस ख़बर से इस मुद्दे पर एक बार फिर बहस छिड़ सकती है.
 
 
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