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शनिवार, 27 सितंबर, 2003 को 08:49 GMT तक के समाचार
नाइजीरिया भी अंतरिक्ष में


अफ़्रीकी देश नाइजीरिया शनिवार को अंतरिक्ष युग में प्रवेश कर गया.


एक करोड़ डॉलर का खर्च आया है उपग्रह भेजने पर
पहले नाइजीरियाई उपग्रह का रूसी रॉकेट से सफल प्रक्षेपण किया गया.

पहले इसका प्रक्षेपण शुक्रवार को होना था लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह से इसे टाल दिया गया था.

शनिवार को उत्तरी रूस के प्लेसेत्सका से छह उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जा रहे कॉसमॉस रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया गया.

प्रक्षेपण का सरकारी टेलीविजन पर सीधा प्रसारण किया गया.

इस रॉकेट में पहले नाइजीरियाई उपग्रह के अलावा दो रूसी, एक ब्रितानी, एक तुर्की और एक दक्षिण कोरियाई उपग्रह हैं.

यह अभियान अपदाओं पर निगरानी के लिए बनाए गए नेटवर्क डिज़ास्टर मॉनिटरिंग कॉन्स्टेलेशन (डीएमसी) के कार्यक्रमों का एक हिस्सा है.

इन उपग्रहों से धरती पर राहत के लिए काम कर रही एजेंसियों को महत्वपूर्ण सूचनाएँ मिल सकेंगी.

इससे सूखा, बाढ़, आग और भूकंप के अलावा मानवजनित आपदाओं की स्थिति में आवश्यक आँकड़े उपलब्ध हो सकेंगे.

डीएमसी उपग्रह दिन में एक बार पृथ्वी की तस्वीर भेज सकेंगे.

सभी छह उपग्रह पहले से भेजे जा चुके अल्जीरियाई उपग्रह के साथ काम करेंगे.

विवाद भी


हमें विश्वास है कि इससे अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में नाइजीरिया को नए अवसर मिलेंगे

नाइजीरियाई मंत्री
अंतरिक्ष युग में प्रवेश करने के बाद नाइजीरिया के विज्ञान एवं टेक्नॉलॉजी मंत्री टर्नर आइसाँ ने कहा, ''हम इस क्षण का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे और नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल इस प्रक्षेपण से बहुत खुश है.''

उन्होंने कहा, ''हमें विश्वास है कि इससे अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में नाइजीरिया को नए अवसर मिलेंगे.''

नाइजीरिया अंतरिक्ष युग में प्रवेश करने वाला तीसरा अफ़्रीकी देश है.

इससे पहले दक्षिण अफ़्रीका और अल्जीरिया अपने उपग्रह अंतरिक्ष में भेज चुके हैं.

हालांकि नाइजीरिया में इस उपग्रह को लेकर बहुत उत्सुकता थी लेकिन इसे लेकर विवाद भी बहुत रहा है.

नाइजीरिया अफ़्रीका का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है.

इसकी 12 करोड़ 60 लाख की आबादी में से आठ करोड़ लोग ग़रीबी की रेखा के नीचे रहते हैं और उनकी आमदनी एक डॉलर प्रतिदिन से भी कम है.

यह विवाद चल रहा है कि इतनी ग़रीबी झेल रहे देश को क्या अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर भारी भरकम राशि ख़र्च करनी चाहिए.

इस उपग्रह के लिए नाइजीरिया को कम से कम एक करोड़ डॉलर खर्च करने पड़े हैं.
 
 
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