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मंगलवार, 28 जनवरी, 2003 को 22:19 GMT तक के समाचार नींद पूरी न हो तो...
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अधिकतर लोग छह से आठ घंटे तक सोते हैं
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एक अध्ययन के मुताबिक जो महिलाएँ कम सोती हैं-या फिर ज़्यादा समय तक सोती रहती हैं, वे अपने दिल को नुक़सान पहुँचाती हैं.
एक शोध से पता चला है कि हर रात पाँच घंटे से कम सोना दिल की बीमारी को बुलावा देना है.
इसी तरह आठ घंटे से अधिक बिस्तर पर लेटे रहना भी सेहत के लिए अच्छा नहीं है.
पूरी नींद कोई विलास की चीज़ नही है बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की एक ज़रूरत है. | | एक अध्ययन | दिल की बीमारी का संबंध नींद से जोड़ना एक नई ही बात है.
दरअसल सोने के दौरान ह्रदय की नसें सिकुड़ जाती हैं जो दिल के दौरे का कारण बनती हैं.
व्यायाम की कमी, धूम्रपान और खानपान की ख़राब आदतें भी दिल के दौरे की अहम वजह हैं.
अध्ययन से पता चला है कि नींद की कमी से रक्तचाप बढ़ता है और हार्मोन और शकर के स्तर पर भी असर पड़ता है.
इस शोध के लेखकों ने अमरीका की लगभग 122,000 नर्सों के स्वास्थ्य का अध्ययन करके कहा कि इस तरह की स्थिति के लिए आधुनिक जीवनशैली भी बड़ी हद तक ज़िम्मेदार है.
इसकी एक ज़िम्मेदारी तनाव या थकन पर भी है. | | एक विशेषज्ञ | इस टीम के नेता ओर बॉस्टन में महिला अस्पताल में डॉक्टर नजीब अयास का कहना है कि इस शोध से उन लोगों को संदेश मिलेगा जो दिन में काम में व्यस्त रहते हैं और फिर रात को देर तक टेलीविज़न देखते हैं.
पूरी नींद कोई विलास की चीज़ नही है बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की एक ज़रूरत है.
विशेषज्ञ इस बात पर असहमत हैं कि स्वस्थ रहने के लिए कितना सोना ज़रूरी है.
एक विशेषज्ञ जिम होर्न का कहना है कि जानवरों पर किए गए अध्ययन से यह नहीं पता चलता कि नींद का दिल पर ख़राब असर पड़ता है.
उनका कहना है कि इसकी एक ज़िम्मेदारी तनाव या थकन पर भी है. |
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