|
|
 |
सोमवार, 25 नवंबर, 2002 को 05:53 GMT तक के समाचार रेडियो तरंगों से दिल का हाल
|

दिल की बीमारी का पता लगाने का नया तरीक़ा सटीक
|
ब्रिटेन में विशेषज्ञों ने दिल की बीमारी का पता लगाने के लिए रेडियो तरंगों का प्रयोग किया है.
रेडियो तरंगों के ज़रिए रक्त के नमूनों का विश्लेषण किया जाता है और इस तरीक़े से अंतत: पता चलता है कि दिल के दौरे के ख़तरे वाले किसी व्यक्ति का नमूना कौन-सा है.
लंदन के इंपीरियल कॉलेज और कैंब्रिज विश्विद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा विकसित इस तरीक़े से दिल के रोगियों को समय रहते चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीक के प्रयोग के बाद दिल के रोगियों को एंजियोग्राफ़ी जैसे परीक्षणों से नहीं गुजरना पड़ेगा.
मेटाबोनोमिक्स नामक नई परीक्षण तकनीक में रक्त की कुछ बूंदों की ही ज़रूरत होती है.
शुरूआती प्रयोगों में पाया गया कि मेटाबोनोमिक्स परीक्षण के परिणाम 95 प्रतिशत मामलों में एंजियोग्राफ़ी के ज़रिए मिले परिणामों के समान रहे.
सटीक
नई परीक्षण विधि में रक्त के नमूनों पर उच्च आवृति की रेडियो तरंगे प्रवाहित की जाती हैं. ऐसा नमूने के चुंबकीय गुणों को मापने के लिए किया जाता है.
धमनियों में अकड़न वाले रोगियों के नमूने से मिले आँकड़े किसी स्वस्थ व्यक्ति के नमूने द्वारा प्रदर्शित आँकड़ों से बिल्कुल अलग होते हैं. संभवत: कोलेस्टेरॉल और अन्य चर्बियों की मात्रा में अंतर होने के कारण ऐसा होता है.
कैंब्रिज विश्वविद्यालय के डॉ. डेविड ग्रेनगर के अनुसरा नई तकनीक के ज़रिए अनेक रोगियों की जान बचाई जा सकेगी.
अभी नई तकनीक का परीक्षण कैंब्रिज के पास पैपवर्थ अस्पताल में किया जा रहा है.
अभी इस परीक्षण के लिए एक बड़े आकार की मशीन का प्रयोग किया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार बाद में इसका आकार कम किया जा सकेगा.
मेटाबोनोमिक्स संबंधी अनुसंधान रिपोर्ट नेचर मेडिसिन पत्रिका में छपी है. |
|
|
|