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दक्षिण अफ़्रीक़ा में क़ैदियों को योग की शिक्षा
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योग शरीर को चुस्त दुरुस्त करने के साथ-साथ बिगड़ैलों को भी सुधारने में फ़ायदेमंद साबित हो रहा है तभी तो दक्षिण अफ़्रीक़ा की
सबसे हिंसक जेलों में से एक ग्रुएन्पुंट मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल के क़ैदियों को योग की शिक्षा दी गई है.
ग्रुएन्पुंट मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल के क़ैदी हत्या, बलात्कार, तस्करी और बच्चों के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार के दोषी हैं. कई एड्स से पीड़ित हैं और ऐसी भी आशंका है कि कहीं वे जेल में ही न मर जाएँ. जेल के अंदर ग़ुस्से का भड़कना और हिंसा आम है. दिशा देने की कोशिश लेकिन योग की मदद से क़ैदियों को शांत रहने के गुर सिखाए जा रहे हैं ताकि वो अपने जीवन को साकारात्मक दिशा में मोड़ सकें. बॉक्सिंग रिंग मास्टर अनसुया खूसाल क़ैदियों को योग के विभिन्न आसनो को सिखातीं और अभ्यास भी कराती हैं.
कुछ क़ैदी इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं जबकि कुछ इसे ऐसे ही खेल की तरह ले रहे हैं लेकिन कुल मिलाकर योग क़ैदियों के बीच लोकप्रिय है. सात दिनों के इस योग कार्यक्रम के आख़िरी दिन योग गुरु श्री श्री रवि शंकर ने क़ैदियों को योग के मुख्य आसनों और श्वास अभ्यासों के बारे में सिखाया. इस कार्यक्रम को आर्ट ऑफ़ लिविंग ('जीवन जीने की कला') नामक संगठन ने आयोजन किया. आर्ट ऑफ़ लिविंग को आशा है कि क़ैदियों ने जो कुछ सिखा है आगे भी वो अपने सेल में योग का अभ्यास जारी रखेंगे. आर्ट ऑफ़ लिविंग हर हफ़्ते योग की क्लास का आयोजन नहीं लेती है लेकिन कुछ उत्साही क़ैदियों की पहचान कर ली गई है ताकि वो अपने दूसरे क़ैदी साथियों को योग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. क्रोध पर लगाम चौबीस वर्षीय मैक्सवैल बुथलेज़ी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है. वो कहते हैं, " मैं कॉलेज के ज़माने में ग़लत संगत में फंस गया. लेकिन, इस कार्यक्रम ने मेरे क्रोध को कम करने में मदद की है. योग के दूसरे दिन मैं फ़ोन पर बात कर रहा था और मुझे एक व्यक्ति बुरा-भला कह रहा था, सामान्य रुप से मैं ऐसे मौक़े पर झगड़ बैठता था लेकिन मैंने अपने आप को रोक लिया." बुथलेज़ी कहते हैं, " उस रात मैं अपने सेल में बहुत खुश था, क्योंकि मैं समझ चुका था कि हालात से सही ढंग से कैसे निपटा जाता है." खूसाल कहती है कि वो एक सप्ताह के कार्यक्रम के बाद जेल में बदलाव देख रही हैं. उनके अनुसार पहले उन्हे विश्वास नहीं हो रहा था कि क़ैदियों को कैसे योग से फ़ायदा होगा लेकिन आज उन्हे बदलाव दिखाई दे रहा है. |
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