अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के यान फ़ीनिक्स ने मंगल ग्रह पर बर्फ का पता लगाया है. फ़ीनिक्स को बर्फ उस जगह से थोड़ी दूर मिली है जहाँ वह उतरा था.
मंगल ग्रह के बादलों की संरचना का पता लगाने और मंगल की ‘हवा’ में मौजूद बर्फ के टुकड़ों को काटने में फ़ीनिक्स पर लगे रोबोट के हाथों का इस्तेमाल किया गया.
मंगल ग्रह से मिले आँकड़ों के अनुसार वहाँ बर्फ सतह पर आने से पहले वाष्पीकृत हो जाती है. फ़ीनिक्स वहाँ की स्थिति पर नज़र रखे हुए है.
कनाडा की यॉर्क यूनिवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक और इस अभियान से जुड़े जिम वाइटवे ने बताया, "अगले महीने हम मंगल पर बर्फ़ के मामले की जाँच बहुत बारीक़ी से करेंगे."
उन्होंने कहा, "मंगल के वातावरण में बर्फ़ के बनने से पहले उसका वाष्प बनकर उड़ जाने की प्रक्रिया को समझना बेहद अहम है."
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान फ़ीनिक्स इस साल 25 मई को मंगल ग्रह पर उतरा था.
अंतरिक्ष यान फ़ीनिक्स मंगल के उत्तरी ध्रुव की भू-रसायन और वातावरण के अध्ययन के लिए अपने साथ कई उपकरण लेकर गया है.
इसका मौसम केंद्र यान के आसपास के तापामान, दबाव और हवा की निगरानी करता रहता है.
केंद्र से मिले आंकड़ों के मुताबिक वहाँ गर्मी के मौसम के कारण तापमान अधिक है. सर्दी का मौसम शुरू होते ही तापमान कम होने लगता है.
मिशन मंगल
अंतिरक्ष एजेंसी नासा की ओर से इस सप्ताह जारी अन्य महत्वपूर्ण आकंड़ों के अनुसार फ़ीनिक्स के आसपास की मिट्टी की पहचान कैल्शियम कार्बोनेट के रूप में की गई है. यह पृथ्वी पर पाए जाने वाले चूना पत्थर से काफी मिलता जुलता है.
फ़ीनिक्स ने मंगल ग्रह पर मिट्टी जैसे एक पदार्थ का भी पता लगाया है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि ये दोनों पदार्थ पानी की मौज़ूदगी में ही बनते हैं.
फ़ीनिक्स में एक मानव रहित यान है. नासा अपने इस मिशन के ज़रिए यह जानने का प्रयास कर रहा है कि क्या मंगल पर जीवन संभव है.