BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
मंगलवार, 15 अगस्त, 2006 को 11:58 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
चाँद पर पाँव रखने की फ़िल्म गुम
 
चाँद पर क़दम रखने की असली तस्वीर की क्वालिटी बहुत बेहतर है
चाँद पर इंसान के पैर रखने की घटना को मानवता की सबसे ऊँची छलाँग कहा जाता है लेकिन इस ऊँची छलाँग की असली तस्वीर गुम हो गई है.

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के गोडार्ड स्पेस सेंटर की लाइब्रेरी से वह फ़िल्म लापता है जिसमें नील आमस्ट्रांग को चाँद पर चहलक़दमी करते दिखाया गया है.

हालाँकि इस फ़िल्म की कई प्रतियाँ मौजूद हैं लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार कॉपी किए जाने से उनकी क्वालिटी काफ़ी ख़राब हो गई है जबकि ऑरिजनल फ़िल्म मिल नहीं रही है.

जिन लोगों ने इस फ़िल्म को गोडार्ड स्पेस सेंटर में सुरक्षित रखा था उनमें से ज़्यादातर लोग कहीं और चले गए हैं, रिटायर हो गए हैं या फिर उनकी मृत्यु हो चुकी है.

आपने अब तक चाँद पर नील आमस्ट्रांग के उतरने की जितनी फ़िल्में देखी हैं उनकी क्वालिटी मूल प्रति के मुक़ाबले काफ़ी ख़राब है.

असली फ़िल्म और उसकी प्रतियों में एक अहम तकनीकी अंतर भी है, चाँद पर जाने वाले अभियान दल ने बहुत अच्छी क्वालिटी की तस्वीरें भेजी थीं, जिसमें एक सेकेंड में दस फ्रेम दिखाई देते हैं लेकिन यह फिल्म टेलीविज़न प्रसारण के उपयुक्त नहीं थी, इस वजह से उसे 60 फ्रेम प्रति सेकेंड के फॉर्मेट में बदल दिया गया.

ऐसा करने की वजह से मूल फ़िल्म में दिखने वाली कई बारीक़ चीज़ें दिखनी बंद हो गईं.

नासा की चंद्र यात्रा की तस्वीरों को सहेजने की ज़िम्मेदारी संभाल चुके स्टेन लेबर अब अस्सी साल के हो चुके हैं और वे कहते हैं कि मूल प्रति की क्वालिटी बहुत बेहतर है इसलिए उसे खोजना बहुत ज़रूरी है.

स्टेन लेबर अब लाइब्रेरी में असली टेप को ढूँढने में लगे हैं, उनका कहना है कि असली टेप को आधुनिक डिजिटल टेक्नॉलॉजी के इस्तेमाल से बेहतर बनाया जा सकता है.

नासा के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि टेप न तो चुराए गए हैं और न ही यह शरारती कार्रवाई है लेकिन यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है.

नासा ने कहा है कि वे टेप को ढूँढने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन 35 वर्ष बीत जाने की वजह से यह काम आसान नहीं रह गया है.

 
 
गैलीलियो का चाँद कैलिस्टोगैलीलियो की यात्रा ख़त्म
बृहस्पति के अध्ययन में गैलीलियो का अनूठा योगदान
 
 
चांद चांद पर टिकी नज़रें
मलेशिया अपने वैज्ञानिकों को चांद पर भेजने की योजना बना रहा है.
 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
'चाँद पर बस्ती बसाने वाले' बच्चे
23 जून, 2004 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
 

  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>