मंगलवार, 27 जून, 2006 को 04:44 GMT तक के समाचार
वैज्ञानिकों को एक ऐसा साँप मिला है जो गिरगिट की तरह अपना रंग बदलता है.
ये साँप दक्षिणपूर्वी एशिया के बोर्नियो द्वीप के वर्षा वनों में मिला है.
जर्मनी और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों को साँप की इस गिरगिट प्रवृत्ति का पता अचानक ही चला जब उन्होंने इसे एक ऐसे बास्केट में रखा जिसमें रोशनी नहीं आती थी.
बोर्नियो द्वीप में पर्यावरण की रक्षा के लिए काम कर रही संस्था वर्ल्ड वाइड फंड (डब्लूडब्लूएफ़) का कहना है कि लगातार हो रही वनों की कटाई से बोर्नियो के वन्य प्राणी ख़तरे में हैं.
संस्था का मानना है कि ये रंग बदलने वाला साँप शायद एक ही नदी के किनारे बचा है.
ये साँप कैपॉस नदी के किनारे मिला है जो बोर्नियो के इंडोनेशिया वाले हिस्से में बहती है.
पानी में रहने वाले इस साँप का नाम वैज्ञानिकों ने 'ई-जाई' रखा है.
ये डेढ़ फुट या आधे मीटर लंबा है और ज़हरीला भी है.
झाँसा नहीं
इस नए साँप के रंग बदलने के गुण को सबसे पहले जर्मनी के मार्क औलिया ने पहचाना.
डब्लूडब्लूएफ़ के सलाहकार के रुप में काम करने वाले मार्क औलिया बताते हैं, "मैंने एक लाल-भूरे रंग के एक साँप को एक बास्केट में रखा जिसमें रोशनी नहीं जाती थी और थोड़ी देर बाद मैंने उसे निकाला तो वह पूरी तरह से सफेद था."
वैज्ञानिकों का कहना है कि ये साँप गिरगिट की तरह झाँसा देने के लिए रंग नहीं बदलता.
उल्लेखनीय है कि गिरगिट दुश्मन को देखकर वातावरण के अनुरुप अपना रंग बदल लेता है जिससे उसे पहचाना न जा सके.
बोर्नियो में पिछले 10 सालों में कम से कम 350 नए पौधों और प्राणियों की प्रजाति का पता लगाया जा चुका है.