शनिवार, 06 मई, 2006 को 17:11 GMT तक के समाचार
वैज्ञानिक बार-बार कह चुके हैं कि शिशुओं के लिए माँ का दूध अनमोल होता है और इसे बढ़ावा देने के लिए फिलीपीन्स में एक नई तरह का रिकॉर्ड बनाया गया है.
फिलीपीन्स में तीन हज़ार से ज़्यादा महिलाओं ने अपने-अपने बच्चों को एक साथ दूध पिलाया और यह एक तरह का नया रिकॉर्ड था कि इस मक़सद के लिए इतनी माताएँ एक स्थान पर इकट्ठा हुई हों.
गत गुरूवार को हुए इस आयोजन के इस रिकॉर्ड को गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया है.
फिलीपीन्स की राजधानी मनीला में इस आयोजन में तीन हज़ार 738 माताओं ने क़रीब एक मिनट तक एक साथ अपने-अपने बच्चों को अपना दूध पिलाया.
इससे पहले यह रिकॉर्ड कैलीफ़ोर्निया के सिटी ऑफ़ बरकेले के नाम था जहाँ अगस्त 2002 में एक हज़ार 135 महिलाओं ने एक साथ अपने-अपने बच्चों को एक मिनट तक अपना दूध पिलाया था.
इस सच्चाई के बावजूद कि माँ का दूध शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है, फ़िलीपीन्स में सिर्फ़ 16 प्रतिशत माताएँ ही केवल छह महीने तक अपना दूध अपने शिशुओं को पिलाती हैं.
माताओं में अपने शिशुओं को अपना दूध पिलाने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के मक़सद से यह आयोजन किया गया था.
इस नए रिकॉर्ड के बारे में यूनीसेफ़ के फिलीपीन्स में प्रवक्ता डेल रस्टीन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि वह इस बारे में पूरी तरह आश्वस्त हैं कि पुराना रिकॉर्ड टूट गया है.
माँ के दूध के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए काम करने वाले एक संगठन - चिल्ड्रेन फ़ॉर ब्रेस्ट फीडिंग की निदेशक डॉक्टर एलवीरा एसगुएरा का कहना था, "हम जो कुछ कर रहे हैं उसका मक़सद माँ का दूध पिलाने और बच्चों के लिए माताओं का जो समर्पण है उसके बारे में गौर्वान्वित महसूस कराना है."
यूनीसेफ़ का कहना है कि शिशुओं को माँ का दूध पिलाने से बच्चों में कुपोषण की समस्या को काफ़ी हद तक दूर किया जा सकता है और इससे बच्चों में रोग प्रतिरोधी क्षमता भी प्रबल होती है.
इतना ही नहीं, यह बोतल का दूध ख़रीदकर पिलाने से सस्ता नुस्ख़ा भी है.