चीन के चिड़ियाघर में नया अजूबा

  • 12 अगस्त 2014
तीन पांडों का जन्म

चीन के एक चिड़ियाघर के अधिकारियों के अनुसार एक पांडा ने तीन बच्चों को जन्म दिया है. ऐसा माना जा रहा है कि ये दुनिया की पहली ऐसी घटना है.

गुआंगज़ू के चिमेलॉंग सफ़ारी पार्क के अधिकारियों ने कहा कि पांडा बच्चों का जन्म 29 जुलाई को हुआ और 'ये दुनिया के लिए एक नया अजूबा है.'

आख़िर ये इतनी बड़ी ख़बर क्यों है?

चिड़ियाघर ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा, ''एक साथ जन्म लेने वाले तीन पांडा का जीवित रहना दुनिया में अपनी तरह की अदभुत घटना है.''

लेकिन उन्होंने साथ में ये भी कहा कि नवजात पांडों की मृत्यु दर बहुत ज़्यादा है.

अभी जानवरों का नाम नहीं रखा गया है और न ही इनके लिंग को लेकर कोई घोषणा हुई है.

पांडा की जन्म दर बहुत कम है क्योंकि मादा पांडा साल में केवल दो या तीन दिन ही गर्भ धारण कर पाती हैं.

जंगली पांडा दो या तीन साल में केवल एक बच्चे को जन्म दे पाती हैं.

पांडों की संख्या लगातार घटती जा रही है और डबल्यूडबल्यूएफ़ के अनुसार इस समय चीन के जंगलों में 1600 पांडा हैं. 2002 में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार इनकी संख्या लगभग एक हज़ार थी.

संभोग के लिए सरकारी पहल

मां पांडा

इनकी घटती संख्या इतना गंभीर मुद्दा है कि कुछ साल पहले चीनी सरकार ने एक सॉफ्टवेयर बनाया था जिससे पांडों को संभोग करने के लिए अपने आदर्श साथी खोजने में मदद मिलती है.

चिड़ियाघर में रहने वाले पांडा में संभोग करने की इच्छा लगभग ख़त्म हो जाती है. चिड़ियाघर में रहने वाले 60 फ़ीसदी से भी अधिक नर पांडों में सेक्स की इच्छा नहीं के बराबर होती है.

इसलिए चिड़ियाघर में रहने वाले पांडा का जन्म आर्टिफ़िशियल इनसेमीनेशन या कृत्रिम गर्भाधारण के ज़रिए होता है. इस तकनीक की मदद से पांडा को जन्म तो दिया जाने लगा लेकिन उनमें से केवल आधे ही बच पाते थे.

इसलिए सॉफ़्टवेयर से लेकर पांडा पोर्न वीडियो तक की मदद ली जाती है.

पांडों को संभोग करते हुए वीडियो दिखाया जाता है ताकि उन्हें देखकर संभोग करने की इच्छा जाग सके. इसके अलावा चीनी सरकार ने वियाग्रा जैसी दवाओं का भी इस्तेमाल शुरू करवाया लेकिन कोई ख़ास सफलता नहीं मिली है.

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