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ऐपल ने लॉन्च किया आइपैड एयर और नया मिनी

 बुधवार, 23 अक्तूबर, 2013 को 01:23 IST तक के समाचार

ऐपल ने आइपैड का अब तक का सबसे 'पतला और हल्का' संस्करण आइपैड एयर लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि ये फ़ुल साइज़ टैबलेट्स की श्रेणी में सबसे हल्का डिवाइस है.

क़रीब साढ़े नौ इंच (9.7 इंच) का ये टैबलेट सिर्फ 0.3 इंच मोटा है और इसका वज़न 0.45 किलोग्राम है.

कंपनी ने आइपैड एयर में ए7 चिप लगाया है जो क्लिक करें आइफ़ोन 5एस में भी इस्तेमाल होता है.

आइपैड एयर के अलावा ऐपल ने अपने सात इंच के टैबलेट आइपैड मिनी का भी नया संस्करण लॉन्च किया है. नए आइपैड मिनी में रेटिना डिसप्ले दिया गया है.

क्लिक करें (तस्वीरों में देखिए आइपैड एयर)

ऐपल ने ये उत्पाद बाज़ार में ऐसे समय उतारा है, जब विशेषज्ञ यह कहने लगे थे कि गूगल एंड्रॉयड टैबलेट केटेगरी में ऐपल के आईओएस को पछाड़ने के क़रीब है.

क़रीब आठ इंच (7.9 इंच) के नए आइपैड मिनी का डिस्पले रेज़ॉल्यूशन बढ़ाकर 2048 x 1536 पिक्सेल कर दिया गया है जिसे रेटिना डिसप्ले कहा जा रहा है.

ऐपल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने कहा है कि इस वक्त 4,75,000 ऐप्स बाज़ार में हैं, जो आइपैड में चलाए जा सकते हैं.

कीमतें

अमरीकी बाज़ार में आइपैड एयर की क़ीमत 499 डॉलर से शुरू होंगी, जबकि न्यू आइपैड मिनी का सबसे सस्ता संस्करण 399 डॉलर में उपलब्ध होगा.

आइपैड एयर एक नवंबर से ही अमरीकी बाज़ार में उपलब्ध हो जाएगा जबकि न्यू आइपैड मिनी नवंबर महीने के अंत तक बाज़ार में उतारा जाएगा. हालांकि भारत में ये दोनों डिवाइसेस उपलब्ध होने में कुछ दिन और लग सकते हैं.

समारोह में ऐपल ने ये भी घोषणा की है कि मैक ओपरेटिंग सिस्टम के नए वर्ज़न का अपग्रेड वो यूज़र्स को मुफ़्त में उपलब्ध कराएगा.

ऐपल की रणनीति के विपरीत विंडोज़ अपना अपग्रेडेड ऑपरेटिंग सिस्टम 8.1 के फ़ुल वर्ज़न के लिए यूज़र्स से सौ पाउंड वसूल रहा है. उधर लिनक्स भी अपना ऑपरेटिंग सिस्टम उबुंटू मुफ्त में उपलब्ध करा रहा है.

ऐपल ने इस समारोह में नए लैपटॉप समेत कई उपयोगी और मनोरंजक ऐप भी लॉन्च किए. हालांकि कंपनी ने विश्लेषकों के पूर्वानुमान के अनुसार बहुचर्चित टेलिविज़न सेट टॉप बॉक्स नहीं लॉन्च किया.

कंपनी की तरफ से जारी आखिरी वित्तीय सूचना के अनुसार आइपैड ने पिछली तीन तिमाहियों में 25.8 अरब डॉलर का व्यापार किया जो कुल कारोबार का 19 प्रतिशत है.

टैबलेट का कारोबार

हालांकि ऐपल ने कबूल किया है कि टैबलेट कारोबार से कंपनी को होने वाली कमाई, टैबलेट की बिक्री की संख्या के अनुपात में नहीं बढ़ रही है. कंपनी का मानना है कि अधिकतर उपभोक्ता आइपैड के महंगे संस्करण खरीदने की जगह आइपैड मिनी और आइपैड 2 जैसे सस्ते संस्करण खरीद रहे हैं.

रिसर्च कंपनी गार्टनर के अनुसार 2012 में निर्यात किए गए कुल टैबलेट्स में 53.9 फीसदी हिस्सा ऐपल के आइओएस ऑपरेटिंग सिस्टम का था.

लेकिन अनुमान लगाए जा रहे हैं कि मौजूदा वर्ष में गूगल का एंड्रॉयड सिस्टम बाज़ार पर 49.6 फीसदी के हिस्से के साथ पहले पायदान पर पहुंच जाएगा.

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