ब्रिटेन में दिल का अनोखा ऑपरेशन

  • 21 अक्तूबर 2013
दिल का मॉडल
इस तस्वीर में ग्रे रंग में दिखाए गए क्षतिग्रस्त ऊतकों को बाहर करके बाक़ी हिस्से को आपस में सिल दिया गया

ब्रिटेन के डॉक्टरों ने पहली बार एक ऐसे दिल का ऑपरेशन किया है, जो धड़क तो रहा था, लेकिन उसकी गति ही बहुत कम थी.

इस मरीज़ का दिल शरीर के हिस्सों को ख़ून की आपूर्ति करने के लिए संघर्ष कर रहा था. ऐसे में उस पर थोड़े से भी दबाव से उसकी मौत हो सकती थी.

इसके लिए डॉक्टरों ने दिल की सिलाई करने की एक तकनीक का प्रयोग कर क्षतिग्रस्त ऊतकों को हटाया. इस दौरान डॉक्टरों ने दिल के आकार को कम भी किया जिससे वह ख़ून की आपूर्ति आसानी से कर सके.

यह ऑपरेशन लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल में किया गया.

हार्ट अटैक का ख़तरा

हृदय को रक्त लाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाना हृदय गति के रुक जाने का एक सामान्य कारण है. इससे हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ जाता है. इससे हृदय की पेशी मर जाती है और वहाँ ऐसे क्षतिग्रस्त ऊतक आ जाते हैं, जो कि धड़क नहीं सकते.

समय के साथ-साथ ये क्षतिग्रस्त ऊतक दिल के हिस्सों में फैल जाते हैं, इससे दिल के अंदर सूखे ऊतकों के चलते जगह ज़्यादा हो जाती है. इस वजह से हृदय को हर धड़कन के साथ अधिक ख़ून की आपूर्ति करनी पड़ती है.

इस सबका प्रभाव यह होता है कि दिल कमज़ोर हो जाता है, उसके काम करने की क्षमता कम हो जाती है. ऐसे में आदमी सीढ़ियाँ चढ़ने में हांफने लगता है.

क्षतिग्रस्त ऊतक

इस ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने एक तार का उपयोग किया. तार के जरिए पेशियों को कसा गया और हृदय के दीवारों की मरम्मत की गई.

इस तरह डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त ऊतकों को हटा दिया. उन्होंने हृदय के एक कक्ष का आकार भी चौथाई घटा दिया.

जिस मरीज़ का यह ऑपरेशन किया गया वो हैं दक्षिण-पूर्व लंदन निवासी 58 साल के सेवकेट गूचर. ऑपरेशन के बाद उनके दिल के कामकाज में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है.

किंग्स कॉलेज अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर ओल्फ़ वेंडलर ने बीबीसी से कहा, '' ब्रिटेन में इस तकनीक का उपयोग हमने पहली बार किया है, इसके किसी के हृदय को रोकने या उसे हार्ट लंग मशीन में रखने की ज़रूरत भी नहीं होती है. '' उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया कम दर्दनाक और कम आक्रामक है.

ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन के एसोसिएट मेडिकल डायरेक्टर प्रोफ़ेसर जर्मी पियर्सन ने कहा, '' इस परीक्षण के नतीजे बताएंगे कि यह प्रायोगिक प्रक्रिया सुरक्षित है की नहीं.''

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