डिजिटल इंडियंस हैंगआउट: क्या सोशल मीडिया से भारत में क्रांति संभव है?

  • 5 सितंबर 2013
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फ़ेसबुक

डिजिटल इंडियंस शृंखला के तहत हम गूगल हैंगआउट में चर्चा करने जा रहे हैं भारत में सोशल मीडिया की स्थिति पर.

साथ ही भारत में सोशल मीडिया कैसे दुनिया के बाक़ी देशों से अलग है?

गूगल हैंगआउट एक ज़रिया है वेब पर कई लोगों से एक-साथ जुड़कर वीडियो चैट करने का.

आप भारतीय समयानुसार रात आठ बजे से ये हैंगआउट नीचे दिए गए लिंक पर देख भी सकते हैं-

गूगल प्लस पर या यूट्यूब पर

आप भी इस हैंगआउट में शामिल होकर अपनी राय रख सकते हैं इस बात पर कि क्या भारत के युवा देश में सोशल मीडिया की क्रांति ला सकते हैं?

बीबीसी की डिजिटल इंडियंस की प्रोजेक्ट टीम आपको इस हैंगआउट में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रही है. आप भी 5 सितंबर को भारतीय समयानुसार रात आठ बजे से विशेषज्ञों के पैनल से जुड़ सकते हैं.

हैंगआउट का संचालन करेंगी बीबीसी की दिल्ली डिजिटल संपादक रमा शर्मा. इसमें शामिल होने वाले हैं-

-आशीष टंडन: ग्रामवाणी

- सचिन तपारिया: लोकल सर्कल्स

- दीना मेहता: ब्लॉगर

- अनिका गुप्ता: आईबीएन लाइव के सिटिज़न जर्नलिज़्म प्रोजेक्ट से

- प्रशांतो के रॉय: टेक्नॉलॉजी और डिजिटल मामलों के लेखक

- मरियम क़्वानसाह: बीबीसी अफ़्रीका के सोशल मीडिया विभाग से

आइए आपको बताते चलें कि आप इसमें कैसे शामिल हो सकते हैं-

- गूगल+ :आप बीबीसी इंडिया के गूगल+ पेज के ज़रिए अपने सवाल भेज सकते हैं या इस हैंगआउट में शामिल होने की इच्छा ज़ाहिर कर सकते हैं. - ट्विटर : अपने सवाल या टिप्पणियाँ आप हैशटैग #BBCDI का इस्तेमाल करके @bbchindi या @bbcindia को ट्वीट कर सकते हैं. - फ़ेसबुक: बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पेज पर आप इससे जुड़ी पोस्ट में अपने सवाल कमेंट के तौर पर पोस्ट कर सकते हैं.

इसके अलावा गूगल हैंगआउट में हिस्सा लेने के लिए आप नीचे दिए गए फ़ॉर्म का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.