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क्या स्लिमिंग क्लब कम करते हैं मोटापा?

 गुरुवार, 15 अगस्त, 2013 को 20:13 IST तक के समाचार
मोटापा

चर्च या फिर किसी सामुदायिक केंद्र में लोग हर सप्ताह अपना वज़न तौलने के लिए इकट्ठा होते हैं, अपना मनचाहा वज़न हासिल करने की उम्मीद में, लेकिन क्या स्लिमिंग क्लब वाकई असरदार हैं?

ब्रिटेन में पिछले साल दो करोड़ 70 लाख लोग डाइटिंग पर थे. लाखों लोग स्लिमिंग क्लबों से जुड़े और उन्होंने हर हफ़्ते इस उम्मीद में वजन तौला कि इस बार उनका साइज़ कम हो गया होगा या वो अपनी पसंदीदा जींस पहन पाएंगे.

लिवी आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए स्लिमिंग क्लब जाती हैं. वे कहती हैं, "लोग सोचते हैं कि यदि वे छरहरे होंगे तो वे ज्यादा खुश होंगें. मैं भी ऐसा ही सोचती हूँ."

जैकी तो पिछले बीस साल से स्लिमिंग क्लब से जुडी़ हैं और इस दौरान उनका वज़न घटा भी है और बढ़ा भी है.

वे कहती हैं, "मैं वज़न घटाती हूँ और फिर बढ़ा लेती हूँ. लेकिन जब मैंने शुरू किया था तबसे अब मैं 19 किलो हल्की हूँ. मेरी खाने की आदतें भावनाओं से जुड़ी हैं. जब मैं खुश होती हूँ, दुखी होती हूँ या तनाव में होती हूँ तो बहुत खाती हूँ."

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शुरूआत

जोआन

बाएं बैठी जोआन अपनी बहन शैरोन के साथ स्लिमिंग क्लब जाती हैं

जोआन जब स्लिमिंग क्लब के साथ जुड़ी थीं तब वे अपने मौजूदा वज़न से दो गुना भारी थीं.

वे कहती हैं, "एक शनिवार को मैं शॉपिंग करने गई थी. मैं बस से उतर ही रही थी कि मैं अपनी ट्रॉली समेत गिर गई. उस वक्त मेरा वज़न 149 किलो था. मैं न उठ सकती थी, न हिल सकती थी. चार लोगों ने मिलकर मुझे ऊपर उठाया. यह सब बहुत ही शर्मनाक था."

वे अब 72 किलो की हैं, फिर भी स्लिमिंग क्लब से जुड़ी हैं ताकि अपने वज़न को बरकरार रख सकें.

न्यूयॉर्क की एक गृहणी जीन निडैच ने 1961 में न्यूयॉर्क सिटी हेल्थ बोर्ड की सलाह से वज़न कम किया था. उन्हें लगा कि बाजार में समूहों के लिए कोई 'वज़न घटाओ' कार्यक्रम नहीं है. जीन ने पड़ोसी गृहणियों की साथ अपना अनुभव साझा करना शुरू किया.

उन्होंने अपने भाषणों का लाइसेंस कराया, समूह के अन्य सदस्यों को प्रशिक्षित किया और इस तरह 'वेट वॉचर्स' की शुरुआत हुई. कंपनी 1967 में ब्रिटेन पहुँची और अब 'प्रोपाइंट्स प्लान' के नाम से जानी जाती है.

डाइटिंग

ब्रिटेन में पिछले साल 2 करोड़ 20 लाख लोग डाइटिंग पर थे.

तमाम तरह के भोजन के साथ प्रोपाइंट मूल्य (अंक) जोड़ दिए जाते हैं और सदस्यों को हर दिन निश्चित अंक खर्च करने की ही इज़ाजत होती है.

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नैतिक समर्थन

एक अन्य प्रमुख कंपनी है 'स्लिमिंग वर्ल्ड' जहाँ भोजन तीन श्रेणियों में बाँटा जाता है. फ्री फूड, हेल्थी एक्स्ट्रा और 'सिंस' या ट्रीट. सदस्यों को पाँच प्रतिशत से अधिक चर्बी वाले खाने के सेवन की मनाही होती है. 'रोज़मैरी कोनले डाइट' और 'फिटनेस क्लब' में व्यायाम और वज़न घटाने पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता है.

स्लिमिंग क्लब वज़न घटाने के इच्छुक लोगों को सेहतमंद भोजन लेने में मदद करते हैं और उन्हें ऐसा करने के लिए नैतिक समर्थन भी देते हैं. दूसरे लोगों को अपने उद्देश्य हासिल करता हुआ देखकर लोग प्रेरित भी होते हैं.

ब्रिटेन में मोटापे की समस्या लगातार बढ़ रही है. सरकार के मुताबिक 2050 तक देश के 60 प्रतिशत पुरुष, 50 प्रतिशत महिलाएं और 25 प्रतिशत बच्चे मोटापे का शिकार होंगे.

लेकिन क्या स्लिमिंग क्लब ब्रिटेन की इस समस्या का समाधान हैं?

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क्लबों से फायदा?

मोटापा

2050 में ब्रिटेन में 25 प्रतिशत बच्चे मोटापे से ग्रसित होंगे

2007 के बाद से एनएचएस (राष्ट्रीय सेहत योजना) मोटापे के शिकार लोगों को व्यावसायिक क्लबों में जाने और वज़न कम करने की सलाह दे रही है. 'ब्रिटिश मेडिकल जर्नल' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इससे फ़ायदा हो रहा है.

बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एनएचएस और व्यावसायिक वज़न घटाने वाले क्लबों वैट वॉचर्स, रोज़मैरी कोनले और स्लिमिंग वर्ल्ड की तुलना की.

शोध में शामिल 740 लोगों में से आधे एनएचएस में भेजे गए और आधे स्लिमिंग क्लबों में. 12 हफ़्तों में सबसे ज्यादा एक व्यक्ति का साढ़े चार किलो वज़न कम हुआ. ये व्यक्ति वैट वॉचर्स क्लब में गया था, जबकि सबसे कम 1.4 किलो वज़न घटाने वाला व्यक्ति सामान्य प्रेक्टीशनर (जीपी) के पास गया था.

'ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन' में प्रकाशित 'वेट वॉचर्स' के 2007 में किए गए एक शोध में उनके कार्यक्रम की सफलता को पाँच साल तक आँका गया. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में सेंटर ऑफर एविडेंस बेस्ट मेडिसिन के निदेशक डॉ. कार्ल हेनेगेन ने इस शोध के नतीज़ों का विश्लेषण किया.

उन्होंने कहा, "इससे पता चलता है कि दो साल बाद 20 प्रतिशत लोग ही अपने लक्षित वज़न को बरकरार रख पाए. पाँच साल बाद यह संख्या मात्र 16 प्रतिशत ही रह गई."

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बढ़ रहा व्यापार

हेनेगेन कहते हैं, "शोध में वे सबसे अच्छे लोगों को चुनते हैं, जो आजीवन सदस्य होते हैं. वास्तव में वे भी संघर्ष कर रहे होते हैं. ज़्यादातर लोग वज़न कम करने के अपने उद्देश्य को हासिल नहीं कर पाते हैं. उन्हें इस पेशे में 40 साल हो गए हैं. अब कब लोग जागेंगे और कहेंगे कि यह समस्या का हल नहीं है."

मोटापा

ब्रिटिश सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में लोगों के मोटापे पर ही सरकार को 6.4 बिलियन पाउंड खर्च करने पड़ेंगे

1968 से 1993 के बीच वेट वॉचर्स की वित्तीय निदेशक रहीं रिचर्ड सांबर कहती हैं कि जो लोग वज़न कम करने का अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पाते वे बार-बार क्लब आते हैं.

यह व्यवसाय कामयाब इसलिए हैं कि 84 प्रतिशत लोग दोबारा वापस आते हैं. कंपनी का व्यापार यहीं से आता है और कामयाबी का राज यही है.

सेहत या वज़न?

वे कहती हैं, "नाकामयाबी से कोई व्यापार ज्यादा दिन तक नहीं चल सकता. हम 50 साल से बाजार में है क्योंकि लोग बार-बार हमारी सेवाएं लेने आते हैं."

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यूनिवर्सिटी ऑफ मिनोसोटा की मनोवैज्ञानिक प्रोफैसर ट्रैसी मान ने लोगों की खाने की आदतों पर व्यापक शोध किया है. वे कहती हैं कि अब वज़न कम करने की सनक से निपटने का वक्त आ गया है.

वे कहती हैं, "अगर हम लोगों को वज़न के बजाए सेहत के बारे में ध्यान देना सिखा दे तो हालात अच्छे होते जाएंगे."

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