मोबाइल चार्जर जो पेशाब से चलेगा..

  • 18 जुलाई 2013

पश्चिमी इंग्लैंड की ब्रिस्टल रोबोटिक्स लैब के वैज्ञानिक एक ऐसी योजना पर काम कर रहे हैं जिसमें पेशाब घर या शौचालय का इस्तेमाल एक छोटे से बिजली घर के रूप में किया जा सकेगा.

इसके लिए, पहले चरण में वैज्ञानिक एक ऐसा मोबाइल फ़ोन चार्जर बनाएंगे, जिससे कम से कम इतनी काम लायक बैटरी चार्ज हो सके ताकि छह मिनट तक बातचीत हो सके, इंटरनेट चल सके, साथ ही संदेश भी भेजे जा सकें.

योजना के मुख्य शोधकर्ता डॉक्टर इऑनिस इरोपोयुलॉस कहते हैं कि विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए तमाम विकल्प संभव हैं.

वो कहते हैं, "कल्पना कीजिए कि हम संसार के किसी देश के ऐसे कोने में हों जो बाहरी दुनिया से अलग-थलग हो. वहाँ हम उस मल मूत्र का इस्तेमाल कर पाएं. दूसरी ओर कल्पना कीजिए कि हमारे पास एक ऐसा प्लग हो जो घर के स्नानघर में बने शौचालय से निकलता हो."

जीवाणु वाली ईंधन कोशिकाएं

दरअसल ये बेहद सूक्ष्म ईंधन कोशिकाओं से चलता है, इन कोशिकाओं को 12 साल के शोध के बाद बनाया गया है.

इन कोशिकाओं में बिजली पैदा करने वाले जीवाणु होते हैं. इन जीवाणुओं का प्रिय भोजन पेशाब है.

वैज्ञानिकों को इसमें आशा की किरण नज़र आ रही है. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दो-तीन सालों में ऐसी तकनीक विकसित कर ली जाएगी, जिसका इस्तेमाल किया जा सके.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी कीमत कम होगी और इसे घर के स्नानघर, शौचालयों में लगाया जा सकेगा.

यहाँ आप न सिर्फ बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल कर सकेंगे बल्कि मोबाइल फ़ोन भी चार्ज कर सकेंगे.

( बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकतें हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)