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जल्दी ही फ़र्राटा भरेगी चालक रहित कार

 गुरुवार, 18 जुलाई, 2013 को 13:09 IST तक के समाचार
चालकरहित कार

कार का परीक्षण ऑक्सफोर्ड यूनीवर्सिटी की टीम करेगी

ब्रिटेन में इस साल के अंत तक मानवरहित कारें दौड़ेंगी.

ब्रिटिश सरकार के मुताबिक़ मानव रहित कारों का परीक्षण सार्वजनिक सड़कों पर किया जाएगा.

अब तक ब्रिटेन में इस तरह की कारों के परीक्षण निजी स्थानों पर ही होते रहे थे.

चालक रहित कारें सेंसरों और कैमरा प्रणाली के ज़रिए चलती हैं. इन्हें सामान्य कारों के मुक़ाबले अधिक सुरक्षित और कुशल माना जाता रहा है.

परीक्षण के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से एक ड्राइवर भी कार में सवार रहेगा जो आपात स्थिति में कार की कमान संभाल लेगा.

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बड़ी योजना

इस योजना के ब्लूप्रिंट को ब्रिटेन के यातायात विभाग ने जारी किया. विभाग सड़कों पर भीड़ कम करने के लिए 28 अरब पाउंड ख़र्च कर रहा है.

जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि चालक रहित कारें अपने आप चलने में सक्षम हैं. ये कारें सुरक्षित चलने के लिए यातायात के माहौल के बारे में अपना ज्ञान इस्तेमाल करती हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक़ यह कारें ड्राइवर के बिना ही आगे चल रहे वाहनों से उचित दूरी बनाए रखती हैं और अपने लेन से बाहर नहीं निकलती.

फ़िलहाल कारों को ग्रामीण एव अर्धशहरी इलाक़ों में सेमी-आटो मोड में चलाया जाएगा. यानि कार में सवार यात्री के पास कार का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का विकल्प रहेगा.

कारों का परीक्षण ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की टीम करेगी. यह टीम चालक रहित कार तकनीक के विकास पर काम कर रही है और ऑक्सफोर्ड साइंस पार्क के नज़दीक परिवर्तित निसान लीफ कारों पर परीक्षण कर रही है.

इस तकनीक में रास्तों को याद करने के लिए लेजर और छोटे कैमरों का इस्तेमाल किया जाता है. कार अपने रास्ते को याद कर लेती है.

ऑक्सफोर्ड टीम का नेतृत्व कर रहे प्रोफैसर पॉल न्यूमैन ने बीबीसी से कहा, "हम सार्वजनिक सड़कों पर कार के परीक्षणों को लेकर उत्साहित हैं. इस योजना पर काम करना रोमांचकारी है. इसमें हम सूचना प्राद्योगिकी और कंप्यूटर तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. ब्रिटिश सरकार को भी लगता है कि इंजीनियरिंग महत्वपूर्ण हैं."

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आगे रहा है गूगल

चालकरहित कार

हालाँकि कुछ लोग इस तकनीक को अभी दूर की कौड़ी मानते हैं.

निजी क्षेत्र में इस तकनीक के इस्तेमाल की अगुवाई इंटरनेट कंपनी गूगल कर रही है. गूगल ने एक परिवर्तित टोयेटा पायरस कार से सार्वजनिक सड़कों पर तीन लाख मील का सफर तय किया है.

गूगल के सह-संस्थापक सर्जे ब्रिन को विश्वास है कि चालक रहित कार मानव जीवन के स्तर को और ऊपर उठा देगी. उन्हें लगता है कि यह कार एक दशक के अंदर बाजार में मिलने लगेगी.

प्रोफेसर न्यूमैन स्वीकार करते हैं कि गूगल इस मामले में आगे रहा है लेकिन वह यह भी कहते हैं कि अब गूगल मैदान में अकेला नहीं है.

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दूर की कौड़ी

हालाँकि अभी तक इस तकनीक को कार के मौजूदा मॉडलों पर ही टेस्ट किया गया है लेकिन फोर्ड, ऑडी और वोल्वो जैसे कंपनियों ने तकनीक की लागत कम होने पर नई कारें इजाद करने में रूची दिखाई है. यदि इन कंपनियों ने चालक रहित कारें बनाई तो निश्चित रूप से इनका इस्तेमाल बढ़ेगा.

हालाँकि इंश्योरेंस कंपनी एए के सड़क पॉलिसी विभाग के मुखिया पॉल वाटर्स सावधानी बरतने पर जोर देते हैं.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "अतीत में हमारे सदस्यों ने पूर्ण रूप से स्वचलित कारों के प्रति चिंता ज़ाहिर की है और मानव संचालित कारों को तरजीह दी है."

वे कहते हैं, "कॉफ़ी पीते हुए अख़बार पढ़ना अभी दूर की कौड़ी है. यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है और चालक रहित कारें लंबे वक़्त तक मुख्यधारा में नहीं आ पाएंगी."

"आज की कार पहले से ही गाइडेड पार्किंग, और क्रूज कंट्रोल जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है. इसलिए पूरी तरह से चालक रहित कार विकास की इस प्रक्रिया का नतीजा होगी न कि एक रात के अंदर हुआ चमत्कार."

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