मैक्सिको में बड़े ड्रग माफिया की गिरफ़्तारी

  • 16 जुलाई 2013
मोरेल्स
मोरेल्स ने अक्टूबर 2012 में जेटास के मुखिया बने थे.

मैक्सिको की सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल कुख्यात गिरोह जेटास के मुखिया मिगुएल एंजल ट्रेविनो मोरालेस को पकड़ने का दावा किया है.

सरकारी प्रवक्ता एडुवार्डो सांचेज हर्नांदेज़ ने बताया कि जेड-40 के नाम से कुख्यात मोरालेस को सोमवार तड़के अमरीकी सीमा के क़रीब नुएवो लारेदो के बाहरी इलाक़े से गिरफ़्तार किया गया.

सांचेज ने बताया कि सुरक्षा बलों ने एक ट्रक को रोका जिसमें मोरालेस सफ़र कर रहे थे. ट्रक से 20 लाख डॉलर और आठ बंदूकें बरामद की गई हैं. मोरालेस के अंगरक्षक और खजांची को भी हिरासत में लिया गया है.

देश के उत्तरी इलाक़े में सक्रिय जेटास के संस्थापक हेरिबर्टो लजकानो की अक्टूबर 2012 में मौत के बाद मोरालेस गिरोह के प्रमुख बने थे.

स्थानीय मीडिया का कहना है कि मोरालेस का पकड़ा जाना सुरक्षा बलों की जीत है जिन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी में लगे शक्तिशाली गिरोहों को ख़त्म करने के लिए अभियान छेड़ रखा है.

जेटास की स्थापना ऐसे लोगों ने की थी जो पहले मैक्सिको की एलीट पुलिस इकाई में काम करते थे. अपनी बर्बरता से ये गिरोह जल्दी ही सुर्ख़ियों में आ गया.

खूनी संघर्ष

ये गिरोह 2010 में टूट गया था और तब से दोनों गुटों के बीच खूनी संघर्ष चल रहा है.

राजधानी मैक्सिको सिटी में मौजूद बीबीसी संवाददाता विल ग्रांट के मुताबिक़ गिरोह में शामिल अधिकांश सदस्य पुलिस के भगोड़े हैं लेकिन मोरालेस इस पृष्ठभूमि से नहीं आए हैं.

मैक्सिको में ड्रग माफ़िया गिरफ़्तार
सरकारी प्रवक्ता एडुवार्डो सांचेज हर्नांदेज़ ने मोरालेस की गिरफ़्तारी की घोषणा की

माना जाता है कि देश में हुए कई हमलों में मोरालेस का हाथ है. इनमें सैन फर्नांडो में मध्य अमेरिका के 72 अप्रवासियों की हत्या भी शामिल है. इस घटना के एक साल बाद 200 अप्रवासियों की हत्या में भी मोरालेस का हाथ माना जाता है.

गिरोह का मुखिया बनने से पहले मोरालेस ने नुएवो लारेदो ड्रग गलियारे में गिरोह के लिए समन्वय का काम किया था. आख़िरकार वो इसी इलाक़े में पकड़े गए.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मोरालेस का पकड़ा जाना राष्ट्रपति एनरिक पेना निएतो की सरकार की नशीले पदार्थों की तस्करी में लगे गिरोहों के ख़िलाफ़ लड़ाई में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है.

लेकिन किसी गिरोह के मुखिया के पकड़े जाने की स्थिति में उसकी जगह लेने के लिए कई दावेदार सामने आ जाते हैं. इससे ये आशंका पैदा होती है कि गिरोह पर दबदबा स्थापित करने के लिए अलग-अलग गुटों के बीच हिंसा का दौर शुरू हो सकता है.

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