चिड़ियों की दुनिया में नई चहचहाअट

  • 27 जून 2013
पक्षियों की इस नई प्रजाति को कंबोडियन टेलरबर्ड नाम दिया गया है.

चिड़ियों की चहचहाअट के बीच आपको जल्द ही एक नई आवाज़ देगी जो इससे पहले आपने नहीं सुनी.

वैज्ञानिकों ने पक्षियों की एक नई प्रजाति की खोज की है, जो कंबोडिया की राजधानी नामपेन्ह में थी, लेकिन उसकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया था.

इस प्रजाति (ऑर्थोटोमस चाकटोमक) नाम दिया गया है. इसकी पहली झलक 2009 में बर्ड फ्लू की नियमित जाँच के दौरान मिली थी.

उसके बाद से इसे शहर के आसपास कई बार देखा गया, जो टेलरबर्ड प्रजाति से मिलती जुलती थी.

वैज्ञानिकों की इस खोज का उल्लेख ओरिएण्टल बर्ड क्लब जर्नल, फोर्कटेल में किया गया है.

अनोखा घोसला

टेलरबर्ड 'वॉर्ब्लर परिवार' में शामिल है और उसे यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि वह पत्तियों को आपस में सिलकर बेहद कुशलता के साथ अपना घोसला बनाती है.

इस पक्षी के पंखों, उसके गाने के अंदाज़ से लेकर उसके जीन्स तक का परीक्षण करने के बाद यह पाया गया कि वह एक अलग, नई प्रजाति है.

ऐसा बहुत कम होता है कि पक्षियों की किसी अज्ञात प्रजाति को शहरी इलाकों में खोजा जाए, लेकिन ओरिएंटल बर्ड क्लब काउंसिल के सदस्य रिचर्ड थॉमस ने कहा कि इस साल की शुरुआत में उन्होंने एक निर्माणाधीन सड़क के बीच में इस नई टेलरबर्ड को देखा.

पक्षियों का अध्ययन करने वाले आम तौर पर इस तरह की पारिस्थितकी पर बहुत अधिक ध्यान नहीं देते हैं क्योंकि ज्यादातर प्रजातियाँ दक्षिण पूर्व एशिया में दूसरे स्थानों पर पाई जाती हैं.

नई उम्मीदें

यह प्रजाति नोम पेन्ह में उस जगह मिली है, जहाँ इसके मिलने की उम्मीद किसी को नहीं थी.

इस अध्ययन के सह-लेखक वाइल्डलाइफ कंजरवेशन सोसाइटी के सिमोन माहूद ने बताया, “मेरे घर से महज 30 मिनट की दूरी पर एक घनी आबादी वाले शहर में पक्षियों की एक अपरचित प्रजाति की खोज असाधारण है.”

उन्होंने कहा, “यह खोज बताती है कि पक्षियों की नई प्रजातियों की खोज अभी भी अपने आसपास और अप्रत्याशित स्थानों पर की जा सकती है.”

इस चिड़िया के छोटे और लगातार घटते रहने की जगह के चलते अध्ययन दल ने सिफारिश की है कि इसे प्राकृति का संरक्षण करने वाली संस्था 'इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर' की रेड लिस्ट में शामिल करना चाहिए.

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