बदसूरत मछली को चाहिए एक हमसफ़र

  • 11 मई 2013
मछली
नर सिकलिड मछली आकार के लिहाज से मादा मछलियों से बड़े होते हैं

लंदन के चिड़ियाघर ने मछली पालने वालों से अपील की है कि वे विलुप्त होने की कगार पर पहुंचे उष्णकटिबंधीय प्रजाति की मछलियों के लिए साथी की तलाश करें.

मैंगरहारा सिकलिड मछली करीब लुप्तप्राय हो चुकी है और चिड़ियाघर में मौजूद तीनों मछलियां नर हैं.

लंदन ज़ू का कहना है कि यह मछली “बेहद बदसूरत” होती है. इस चिड़ियाघर को उम्मीद है अगर इन नर मछलियों के लिए मादा मछली की तलाश पूरी हो जाती है तो इनके संरक्षण का कार्यक्रम शुरू हो सकता है.

ये दो नर मछलियां 12 साल की हैं ऐसे में इनके लिए साथी की तलाश बेहद महत्वपूर्ण है. इन सिकलिड मछलियों का नाम मैडागास्कर में मौजूद मैंगरहारा नदी पर पड़ा है जहां से ये पहली बार पाई गई थीं.

इस नदी पर बांध के निर्माण की वजह से पानी की धाराएं सूख गईं इस वजह से इस प्रजाति की मछलियां ख़त्म होने की कगार पहुंच गई हैं.

मुश्किल हालत

इस प्रजाति की दो नर मछली लंदन के चिड़ियाघर में हैं और एक नर मछली बर्लिन में है. जर्मनी के चिड़ियाघर में पहले एक मादा मछली हुआ करती थी लेकिन उसके प्रजनन से जुड़ी संभावनाएं तब खत्म हो गईं जब नर मछली ने मादा मछली को मार दिया.

लंदन ज़ू के एक्वेरियम के संरक्षक ब्रायन जिम्मरमैन ने बीबीसी को बताया, “सिकलिड के साथ यह बेहद आम बात है.”

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उम्मीद है कि किसी निजी एक्वेरियम की मदद से मादा मछली की तलाश पूरी हो सकती है

“कई अन्य मछलियों जो अपने साथी के साथ जोड़ा बनाती हैं और अंडे को सेती हैं, उनके मुकाबले इस प्रजाति की मछलियां बेहद असामान्य होती हैं. ये आपस में उलझती हैं.”

ज़ूलॉजिकल सोसायटी ऑफ लंदन की एक टीम ने दुनिया भर के एक्वेरियम में इन मछलियों के लिए मादा मछली की खोज कराई लेकिन वे असफल रहे. हालांकि उन्हें उम्मीद है कि किसी के निजी एक्वेरियम में इस प्रजाति की मादा मछली हो सकती है.

जिम्मरमैन का कहना है, “ये बदसूरत मछलियां बेहद असामान्य होती हैं. उनके लिए बड़े जगह की ज़रूरत होती है और ये मादा मछलियां आपके हाथ से बड़ी होती हैं. उनके लिए एक अच्छे टैंक की जरूरत पड़ती है.”

भविष्य ख़तरे में

लंदन के चिड़ियाघर में मौजूद इन मछलियों की उम्र को देखते हुए ऐसा लगता है कि अगर दुनिया भर के चिड़ियाघरों से इनके लिए जल्द मादा मछली की खोज नहीं की जाती तो इनका भविष्य खतरे में है.

जिम्मरमैन कहते हैं, “मुझे ज्यादा उम्मीद नहीं है. दुनियाभर में ताज़े पानी की मछलियों का संकट बढ़ रहा है. ज़्यादातर पानी का इस्तेमाल मानव जाति के लिए किया जा रहा है ऐसे में मछलियों के लिए पानी का अभाव एक बड़ा संकट बन गया है.”

“मुझे लगता है कि इन मछलियों के बचने की कम संभावना है.”

लंदन ज़ू ने मादा सिकलिड मछली के बारे में सूचना देने के लिए फिशअपील@जेडएसएल डॉट ओआरजी पर ईमेल करने की अपील की है.