BBC navigation

इंटरनेट पर गेम्स कहीं आपके पैसे तो नहीं लूट रहीं?

 रविवार, 14 अप्रैल, 2013 को 08:27 IST तक के समाचार

कैवेंडिश बच्चों पर पड़ने वाले दबाव को लेकर चिंतित हैं.

इंटरनेट पर खेली जाने वाली गेम्स के पीछे कहीं पैसे खर्च करवाने की साज़िश तो नहीं? ब्रिटेन में ऐसी शिकायतें आने के बाद अब एक जांच का आदेश दिया गया है.

यह जांच उस मीडिया रिपोर्ट के बाद हो रही है जिसमें बच्चों के स्मार्टफोन और वेब गेम्स में वर्चुअल वस्तुओं पर काफी पैसा खर्च करने की बात कही गई है.

मार्च के महीने में ब्रिस्टल में पांच साल के एक स्कूली बच्चे डैनी किचन ने अपने अभिभावकों के आईपैड पर जॉंम्बीज वर्सेस निंनाज, नाम का गेम खेला.

इसका बिल बढ़ते-बढ़ते 1700 पाउंड हो गया हालांकि बाद में ऐप्पल कंपनी ने इसे लौटा दिया.

इस साल जनवरी में मोबाइल गेमिंग पर नजर रखने वाली एजेंसी 'फोन पे प्लस' ने बताया कि गेम्स और दूसरी चीजों के लिए एड-ऑन खरीदने पर बहुत ज्यादा बिलिंग से जुड़ी उपभोक्ताओं की शिकायत में 300 फीसदी बढ़ोतरी हुई है.

गेम्स का सच

"हम गेम्स और उनसे जुड़े एप्लिकेशन की खरीदारी को प्रतिबंधित नहीं करना चाहत. बस कंपनियों से इस संदर्भ में जरूरी नियमों का पालन करवाना चाहते हैं."

कैवेंडिश एलिथॉर्न, निदेशक, ओएफटी

अब ऑफिस ऑफ फेटर ट्रेडिंग यानि ओएफटी जांच करना चाहता है कि गेम्स कहीं भटकाने वाले, आक्रामक तौर पर व्यावसायिक या किसी भी तरीके से गलत तो नहीं हैं.

वह यह भी जांचना चाहता है कि बच्चों को खास तौर पर तो लक्षित नहीं किया जा रहा है?

ओएफटी पता लगाना चाहता है कि बच्चों पर दबाव बनाने के लिए तो ये गेम्स नहीं दिए जाते ताकि अतिरिक्त कमाई हो सके.

कुछ ऑनलाइन गेम्स में खिलाड़ियों को वर्चुअल सिक्के और हीरे-मोती जैसे पुरस्कार दिए जाते हैं जिससे वे खेल के स्तर में आगे बढ़ सकें.

ओएफटी उन अभिभावकों से सच जानना चाहता है जिन्होंने कंपनियों को आक्रामक तरीके से बच्चों के लिए गेम्स की मार्केटिंग करते देखा है.

नियमों का पालन

वीडियो गेम्स, ऑनलाइन गेमिंग

वीडियो गेम्स के प्रति बच्चों में खासा रुझान देखा गया है.

ओएफटी के वरिष्ठ निदेशक, उत्पाद व ग्राहक कैवेंडिश एलिथॉर्न कहते हैं, "हम चिंचित है कि बच्चों और उनके अभिभावकों पर अवांछित दबाव तो नहीं दिया जा रहा. वे गेम को मुफ्त में समझते हों, लेकिन जो असल में काफी लागत वाले साबित होते हैं."

ओएफटी के मुताबिक गेम्स बनानेवाले अगर बच्चों को को बहुत अधिक ललचाते या अभिभावकों पर उन्हें खरीदने का दबाव बनाते हैं, तो वे उचित व्यापार के कानून तोड़ रहे होते है.

एलिथॉर्न ने कहा कि वे इन-गेम खरीदारी को प्रतिबंधित नहीं करना चाहते, लेकिन कंपनियों से बस इस संदर्भ में कानूनी नियमों का पालन करवाना चाहते हैं.

ओएफटी द्वारा एकत्रित आंकड़े बताते हैं कि सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन गेम इंस्टॉल तो मुफ्त में होते हैं, पर उनके निर्माताओं के लिए इन-एप खरीददारी के तहत नकद जुटाते हैं.

ऐसे अतिरिक्त शुल्क विभिन्न तरीकों से वसूल किए जाते हैं. इनमें से सबसे ऊंची कीमत वाला एप्लिकेशन 70 पाउंड तक का हो जाता है.

इसे भी पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.