अधूरा काम पूरा करने वाला व्हाइट बोर्ड

  • 7 मार्च 2013
माइक्रोसॉफ्ट के नए व्हाइटबोर्ड को पेश करती बोंगशिन ली

माइक्रोसॉफ्ट ऐसा व्हाइट बोर्ड बनाने में जुटा है जो इंटरएक्टिव तो होगा ही साथ ही आपको अधूरे चार्टों को पूरा करने में भी मददगार होगा.

इस व्हाइट बोर्ड की पहली झलक टेकफेस्ट में दिखाई गई है. टेकफेस्ट वह सालाना मेला है जहां दुनिया भर के वैज्ञानिक अपनी खोजों के बारे में बताते हैं.

माइक्रोसॉफ्ट का ये नया व्हाइट बोर्ड जिसे आप डिजिटल कैनवस भी कह सकते हैं, उन लोगों के लिए काफी मददगार हो सकता है जिनका काम बड़े बड़े आंकड़ों से खेलना है.

ख़ास बात ये है कि अगर आप कोई प्रोजेक्ट ख़ुद से पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो ये व्हाइट बोर्ड उसे आपके निर्देशों के मुताबिक पूरा भी कर देगा.

हालांकि ये प्रोजेक्ट अभी शुरुआती दौर में ही है. लेकिन टेकफेस्ट में इसे काफी उम्मीदों से देखा जा रहा है. एक विश्लेषक के मुताबिक ऐसे उत्पाद की भारी मांग होगी.

इस उत्पाद की पहली झलक रेडमंड, वाशिंगटन स्थित माइक्रोसॉफ्ट के मुख्यालय में दिखाई गई, जहॉं इसे विकसित कर रहे बोंगशिन ली ने इसे पेश किया.

बोंगशिन ली यूज़र इंटरफेस एक्सपर्ट हैं और 2006 से माइक्रोसॉफ्ट के साथ काम कर रही हैं.

उन्होंने एक विशाल टचस्क्रीन के माध्यम से दिखाया कि कैसे व्हाइट बोर्ड की मदद से इंटरएक्टिव चार्ट, मैप और डायग्राम तैयार किए जा सकते हैं.

बेहतर तकनीक का दावा

माइक्रोसॉफ्ट का दावा है कि इस उत्पाद के जरिए प्रेजेंटेशन की दुनिया में चार चांद लग जाएंगे.

माइक्रोसॉफ्ट इन दिनों बड़ी स्क्रीन पर काम आने वाली कई तकनीकों को विकसित कर रहा है.

माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च के प्रवक्ता केविन कुर्त्ज ने बीबीसी से कहा, “कंप्यूटरों की क्षमता बढ़ रही है, वे अब कहीं ज्यादा आंकड़ों पर काम कर रहे हैं तो उसे सहज बनाने के लिए ऐसे उत्पादों की जरूरत है.”

अलग-अलग क्षेत्रों में जिस तरह से शोध और सर्वेक्षण वाला अध्ययन बढ़ रहा है, उसको देखते हुए माना जा रहा है कि नयी तकनीक काफी काम वाली होगी.

तकनीकी मामलों के विशेषज्ञ ब्रायन बलायू कहते हैं, “कारोबारी ब्रांड आंकड़ों की अहमियत को खूब समझते हैं, वे इंटरएक्टिव ग्राफिक्स का इस्तेमाल करके चीजों को बेहतर ढंग से पेश करना जानते हैं. भविष्य में इसका प्रयोग बढ़ेगा.”

आशंकाएं भी कम नहीं

वैसे इस उत्पाद को लेकर आशंकाएं भी कम नहीं हैं, क्योंकि अलग-अलग कंपनियों को अलग-अलग आंकड़ों की जरूरत होती है. ठीक इसी तरह से अलग-अलग ग्राफ और अलग-अलग चार्ट की जरूरत होती है.

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या माइक्रोसॉफ्ट का नया उत्पाद हर तरह की जरूरतों को पूरा कर पाएगा.

वैसे माइक्रोसॉफ्ट इस उत्पाद को विकसित करने में 9.8 अरब डॉलर खर्च कर रहा है.

यह रकम कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि यह ऐपल, सोनी और गूगल के कुल अनुसंधान और विकास बजट से ज्यादा है.

ऐपल का अनुसंधान और विकास बजट 3.4 अरब डॉलर है, जबकि सोनी 4.6 अरब डॉलर और गूगल 6.8 अरब डॉलर अनुसंधान और विकास के मद में खर्च कर रहा है.